बड़ा सवाल | पंचायत निर्माण कार्यों में भुगतान पर उठे सवाल
RTI से खुलेगी पंचायत में लगे बिलों की पोल! किराना दुकान से नाली की सामग्री, कपड़ा दुकान से मंच निर्माण और जनरल स्टोर्स को CC रोड की राशि?
सूचना के अधिकार से सामने आएंगे बिल-वाउचर, भुगतान का हिसाब और निर्माण कार्यों की हकीकत; सरकारी राशि के खर्च की जांच की उठेगी मांग
घरघोड़ा। ग्राम पंचायत में कराए जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की सामग्री खरीदी और भुगतान प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब सूचना के अधिकार (RTI) से पूरे मामले की परतें खोलने की तैयारी है। नाली निर्माण में किराना दुकान के बिल, मंच निर्माण में कपड़ा दुकान के बिल तथा सीसी रोड निर्माण की राशि जनरल स्टोर्स को भुगतान किए जाने संबंधी जानकारी ने पंचायत के वित्तीय रिकॉर्ड की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
✨RTI से मांगी गई है भुगतान की पूरी जानकारी
सूचना के अधिकार के तहत निर्माण कार्यों की स्वीकृत राशि, संबंधित दुकानों के बिल-वाउचर, भुगतान की तारीख, सामग्री की मात्रा, आपूर्ति संबंधी दस्तावेज, माप पुस्तिका और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र जैसी जानकारियां प्राप्त कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
✨नाली निर्माण में किराना दुकान का बिल क्यों?
नाली निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की खरीदी कहां से हुई, बिल में किन वस्तुओं का उल्लेख है और वास्तव में कितनी सामग्री की आपूर्ति की गई? इन सवालों का जवाब पंचायत के आधिकारिक रिकॉर्ड से मांगा जाएगा। यदि बिल और मौके पर हुए निर्माण में अंतर मिलता है, तो संबंधित अभिलेखों की जांच आवश्यक होगी।
⚡मंच निर्माण में कपड़ा दुकान का भुगतान किस आधार पर?
मंच निर्माण के लिए प्रस्तुत बिल में कौन-सी सामग्री दर्शाई गई है? भुगतान किसके सत्यापन और स्वीकृति के बाद हुआ? क्या सामग्री निर्माण कार्य में उपयोग की गई? RTI से इन बिंदुओं पर दस्तावेजी जानकारी जुटाकर भुगतान की प्रक्रिया की पड़ताल की जा सकती है।
✨सीसी रोड की राशि जनरल स्टोर्स को—रिकॉर्ड बताएगा सच्चाई
सीसी रोड निर्माण में सीमेंट, गिट्टी, रेत और अन्य सामग्री के नाम पर जारी भुगतान का विवरण भी जांच के लिए महत्वपूर्ण होगा। बिल में दर्ज सामग्री, मात्रा और दरों का मिलान स्वीकृत प्राक्कलन, माप पुस्तिका और वास्तविक निर्माण से किया जाना जरूरी है।
⚡अब जांच से ही स्पष्ट होगा पूरा मामला
संबंधित जनपद पंचायत CEO और जिला पंचायत के अधिकारियों से मांग की जाएगी कि निर्माण कार्यों के स्वीकृति आदेश, बिल-वाउचर, भुगतान रिकॉर्ड, सामग्री आपूर्ति और मौके पर हुए निर्माण का निष्पक्ष सत्यापन कराया जाए। यदि दस्तावेजों में अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
✨सबसे बड़ा सवाल: क्या पंचायत के निर्माण कार्यों में खर्च की गई सरकारी राशि का हिसाब बिलों और जमीनी हकीकत से मेल खाता है, या रिकॉर्ड की जांच में कोई गंभीर अंतर सामने आएगा?
फिलहाल, संबंधित बिलों और भुगतानों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। RTI से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
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