September 24, 2026

8 ग्रामों का ऐतिहासिक आंदोलन निर्णायक मोड़ परमुआवजा–पुनर्वास नहीं तो रायपुर से दिल्ली तक गूंजेगी लड़ाईएनटीपीसी तिलाई पाली परियोजना के खिलाफ 14वें दिन भी जारी धरना

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जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष उस्मान बेग दिनभर आंदोलन में डटे, दी आर-पार की चेतावनी

घरघोड़ा!एनटीपीसी तिलाई पाली परियोजना से प्रभावित 8 ग्रामों के ग्रामीणों का संघर्ष अब ऐतिहासिक और निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। भूमि मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार और सम्मानजनक भविष्य की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले 14 दिनों से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने से क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।


इस आंदोलन को मजबूती देने जिला युवा कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष उस्मान बेग पिछले 15 दिनों से लगातार ग्रामीणों के साथ खड़े हैं। इसी कड़ी में प्रभावित ग्रामवासियों ने पूर्व मंत्री एवं खरसिया विधायक माननीय उमेश पटेल तथा धर्मजयगढ़ विधायक, पूर्व कैबिनेट मंत्री दर्जा माननीय लालजीत सिंह राठिया को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की थी।
दोनों वरिष्ठ नेताओं ने ग्रामीणों की मांगों को पूरी तरह जायज बताते हुए उन्हें न्याय दिलाने और आंदोलन को मजबूती देने का भरोसा दिया।


कानून की अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद—
उचित भूमि मुआवजा नहीं दिया गया
पुनर्वास प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई
अनुसूचित क्षेत्र में पेसा कानून के तहत ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति को दरकिनार किया गया
कई बार ज्ञापन, आवेदन और निवेदन देने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तब ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा

धरना स्थल पर उस्मान बेग का खुला समर्थन
आज वरिष्ठ नेताओं के निर्देश और ग्रामवासियों के बुलावे पर जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष उस्मान बेग धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने दिनभर ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और आंदोलन की आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
ग्रामीणों की 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें
अधिनियम 2013 के अनुसार उचित भूमि मुआवजा
पारदर्शी और न्यायपूर्ण पुनर्वास नीति
प्रत्येक प्रभावित परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा
युवाओं को स्थायी रोजगार या बेरोजगारी भत्ता
पेसा कानून के तहत ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति
कट-ऑफ तिथि में सुधार
किसानों से ली गई गलत सहमतियों को निरस्त करना
मुआवजा वितरण में हुई अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच


उस्मान बेग का तीखा बयान
धरना स्थल से उस्मान बेग ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा—
“14 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे ग्रामीणों की अनदेखी शासन-प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन की संवेदनहीनता को दर्शाती है। यह सिर्फ मुआवजे की लड़ाई नहीं, बल्कि किसान, आदिवासी, मजदूर और गरीब परिवारों के हक, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है।”
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी—
“अगर जल्द न्यायपूर्ण फैसला नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन घरघोड़ा एसडीएम कार्यालय से कलेक्ट्रेट, रायपुर और फिर दिल्ली के जंतर-मंतर व संसद भवन तक पहुंचेगा। यह लड़ाई अब पूरे प्रदेश और देश की आवाज बनेगी।”

ग्रामीणों का दो टूक संदेश
ग्रामीणों ने भी साफ कर दिया है कि अब वे खोखले आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। सभी मांगों पर लिखित, ठोस और समयबद्ध निर्णय होने तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा, और जरूरत पड़ने पर इसे राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।

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