खनिज उत्खनन प्रभावित घरघोड़ा में कौशल विकास को नई रफ्तार
आईटीआई प्रशासनिक भवन का होगा उन्नयन, मुख्यमंत्री युवा केंद्र बनेगा आधुनिक रोजगार प्रशिक्षण हब
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी का सघन दौरा, डीएमएफ मद से अधोसंरचना सुधार को मिलेगी गति
रायगढ़!खनिज उत्खनन से प्रभावित एवं सुदूर वनांचल विकासखंड घरघोड़ा में अब युवाओं के कौशल विकास को नई दिशा मिलने जा रही है। राज्य शासन की मंशानुरूप जिला प्रशासन ने शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के प्रशासनिक भवन तथा मुख्यमंत्री युवा केंद्र के व्यापक उन्नयन की कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। आवश्यक मरम्मत, संधारण एवं अधोसंरचना विकास कार्य जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) मद से कराए जाएंगे, ताकि क्षेत्रीय युवाओं को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने घरघोड़ा एवं तमनार विकासखंड का सघन दौरा कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं स्वीकृत विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शासकीय आईटीआई के प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण कक्षों एवं परिसर का विस्तृत अवलोकन किया।
विद्यार्थियों से सीधा संवाद, प्रशिक्षण गुणवत्ता पर फोकस
कलेक्टर ने अध्ययनरत विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनके पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण व्यवस्था और भविष्य के रोजगार अवसरों पर चर्चा की। विशेष रूप से कोपा (कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट) ट्रेड के विद्यार्थियों से तकनीकी प्रशिक्षण की गुणवत्ता, लैब सुविधाओं तथा संभावित प्लेसमेंट अवसरों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईटीआई केवल प्रशिक्षण केंद्र न रहकर युवाओं के रोजगार का सशक्त माध्यम बने—इस दिशा में ठोस पहल की जाएगी।

संसाधनों की समीक्षा, शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान विभिन्न ट्रेड्स के लिए उपलब्ध उपकरण, प्रयोग सामग्री एवं अन्य संसाधनों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संसाधनों की आपूर्ति हेतु उच्च कार्यालय को भेजे गए पत्राचार की जानकारी लेते हुए संबंधित दस्तावेजों की प्रतिलिपि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रशासनिक भवन के रख-रखाव, स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए आवश्यक मरम्मत एवं संधारण कार्यों का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा।
मुख्यमंत्री युवा केंद्र बनेगा कौशल एवं मार्गदर्शन का केंद्र
दौरे के दौरान कलेक्टर ने मुख्यमंत्री युवा केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां संचालित योजनाओं, गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए भवन के आवश्यक सुधार एवं उन्नयन कार्यों का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि युवा केंद्र को भारत सरकार एवं राज्य शासन की रोजगारोन्मुखी और कौशल विकास योजनाओं से जोड़ते हुए इसे एक सशक्त प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं करियर काउंसलिंग केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, स्वरोजगार एवं निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिल सके।
डीएमएफ से विकास कार्यों को मिलेगा संबल
खनिज प्रभावित क्षेत्र होने के कारण डीएमएफ मद से अधोसंरचना विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे भवन मरम्मत, संसाधन उन्नयन और प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार को गति मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम दुर्गा प्रसाद अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन की इस पहल से घरघोड़ा क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में कौशल आधारित रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
