फर्जी अंकसूची से डाकपाल बनने की साजिश बेनकाब — कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, महिला-पुरुष गिरफ्तार
🚨ग्रामीण डाकसेवक भर्ती में फर्जी 10वीं मार्कशीट अपलोड कर की थी नियुक्ति हासिल
🚨 तमिलनाडु बोर्ड से सत्यापन में खुलासा — अंकसूची पूरी तरह फर्जी
🚨 कोरबा का मास्टरमाइंड फरार, लाखों रुपये लेकर फरार हुआ दलाल
रायगढ़!सरकारी नौकरी पाने की लालसा में फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेने वाले दो आरोपियों को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला भारतीय डाक विभाग की ग्रामीण डाकसेवक भर्ती से जुड़ा है, जिसमें फर्जी 10वीं अंकसूची अपलोड कर डाकपाल पद हासिल करने की कोशिश की गई थी।
📌 ऐसे हुआ खुलासा
जुलाई 2023 में ग्रामीण डाकसेवकों की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया में सक्ती जिले के नरेन्द्र कुमार और सोनम साहू ने 10वीं की अंकसूची अपलोड कर आवेदन किया। प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर दोनों का चयन रायगढ़ डाक संभाग अंतर्गत बर्रा और सुलेसा शाखा में डाकपाल पद पर हुआ।
दस्तावेज सत्यापन के दौरान अंकसूचियों को तमिलनाडु राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भेजा गया। बोर्ड से प्राप्त रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि उक्त अंकसूचियां उनके द्वारा जारी ही नहीं की गई थीं।
ग्रामीण डाकसेवकों की नियुक्ति 10वीं के अंकों के आधार पर होने से मामला गंभीर धोखाधड़ी का पाया गया। इस पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 59/2026 धारा 420, 467, 468, 471, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
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💰 नौकरी के नाम पर वसूले लाखों रुपये
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नौकरी की तलाश के दौरान उनकी पहचान कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर से हुई, जिसने नौकरी लगवाने के नाम पर 3 से 3.5 लाख रुपये की मांग की।
नरेन्द्र कुमार ने ₹3,50,000 नकद दिए।
सोनम साहू ने नियुक्ति के बाद भुगतान करने की बात कही थी।
राठौर ने दोनों को फर्जी मार्कशीट उपलब्ध कराई, जिसे जानते हुए भी उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया। सत्यापन में फर्जीवाड़ा सामने आने पर उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी गई।
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🚔 पुलिस की कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने सक्ती से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से फर्जी एवं मूल शैक्षणिक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
मामले का मुख्य साजिशकर्ता विनोद कुमार राठौर फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
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📢 एसएसपी का संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा कि शासकीय सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और नियमबद्ध है। फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर नौकरी पाने का प्रयास न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि योग्य अभ्यर्थियों के अधिकारों का भी हनन है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नौकरी के नाम पर दलालों और बिचौलियों के झांसे में न आएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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👤 गिरफ्तार आरोपी
1. नरेन्द्र कुमार (33 वर्ष), निवासी बाजारपारा बड़े रवेली, थाना मालखरौदा, जिला सक्ती (छ.ग.)
2. सोनम साहू (29 वर्ष), निवासी सरवानी, थाना बाराद्वार, जिला सक्ती (छ.ग.)
फरार आरोपी: विनोद कुमार राठौर, निवासी कोरबा
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🔎 रायगढ़ पुलिस का संदेश साफ — सरकारी भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
