अजब लैलूंगा की गजब ‘फोटोशॉप’ पंचायत: राजपुर में पुरुषों ने ओढ़ी ‘अदृश्य चादर’, फोटो में दिख रही महिलाएं कागजों में बनीं ‘मर्द’!…
लैलूंगा (रायगढ़) :विज्ञान और अध्यात्म को पीछे छोड़ते हुए ग्राम पंचायत राजपुर के जादुई गलियारों से एक ऐसा चमत्कार सामने आया है, जिसे देखकर बड़े-बड़े जादूगर भी अपनी टोपियां उतार देंगे। यहाँ जनपद लैलूंगा के ‘अमृत सरोवर’ (Work Code: 3313002037) के निर्माण में काम करने वाले मजदूरों ने शायद ‘मिस्टर इंडिया’ की घड़ी पहन ली है!

‘नारी शक्ति’ का डेटा-परिवर्तन! –28 फरवरी की सुबह जब सूरज उग रहा था, तब NMMS ऐप पर उमेश कुमार जी ने एक ग्रुप फोटो अपलोड की। इस फोटो में 7 महिलाएं और 3 पुरुष अपनी हाजिरी दर्ज कराने के लिए खड़े थे। लेकिन जैसे ही यह फोटो सरकारी ‘डेटा सर्वर’ तक पहुँची, वहाँ बैठे किसी अदृश्य जादूगर ने अपनी छड़ी घुमाई और… छूमंतर! नतीजा : कागजों पर हाजिरी लगी 8 पुरुषों और मात्र 2 महिलाओं की! यानी फोटो में दिख रही 5 महिलाओं ने डिजिटल सर्वर में घुसते ही अपना जेंडर बदल लिया और ‘पुरुष’ बन गईं। या फिर उन 5 पुरुषों ने ‘अदृश्य’ होकर काम करने की नई तकनीक ईजाद कर ली है।
मनरेगा अधिकारियों की ‘दिव्य दृष्टि’ को नमन :-वाह रे मनरेगा के जिम्मेदार साहब लोग! आपकी दिव्य दृष्टि को तो ऑस्कर मिलना चाहिए।
फोटो में 7 साड़ियां दिख रही हैं, पर आपकी फाइल में 8 धोती-कुर्ते नाच रहे हैं।
फोटो में साक्षात खड़ी महिलाएं चीख-चीख कर कह रही हैं कि ‘हम यहाँ हैं’, लेकिन अधिकारियों की सरकारी फाइलों ने उन्हें ‘अदृश्य’ घोषित कर दिया।
और जो 6 पुरुष फोटो में कहीं नजर ही नहीं आ रहे, उन्हें ‘प्रेजेंट’ लिखकर शायद यह साबित किया जा रहा है कि वे ‘हवा की गति’ से काम कर रहे हैं, इसलिए कैमरे में कैद नहीं हो पाए।
अमृत सरोवर या भ्रष्टाचार का ‘जादू टोना’? -*शायद ‘अमृत सरोवर’ का नाम इसलिए रखा गया है क्योंकि इसे बनाने वाले मजदूर ‘देवदूत’ हैं – दिखते कुछ और हैं, होते कुछ और हैं! अधिकारियों की इस ‘जादुई’ कार्यप्रणाली को देखकर लगता है कि लैलूंगा में ‘डाटा एंट्री ऑपरेटर’ ही सबसे बड़ा कलाकार है, जो फोटो देखकर नहीं, बल्कि अपनी कल्पना शक्ति से मजदूरों के नाम भरता है।
साहब, चश्मा बदलिए या ‘नियत’! -जब फोटो और डेटा का मिलान करने की फुर्सत किसी को नहीं है, तो फिर इस NMMS ऐप का नाटक ही क्यों? सीधे कलम उठाइए और पूरे गांव को ‘उपस्थित’ लिखकर सरकारी खजाना खाली कर दीजिए!
सवाल : क्या रायगढ़ जिला प्रशासन इस ‘डिजिटल चमत्कार’ की जांच कराएगा, या फिर यह मान लिया जाए कि राजपुर पंचायत में अब ‘महिलाएं’ सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए हैं और ‘पुरुष’ सिर्फ पैसा निकालने के लिए?
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