BEO कार्यालय घरघोड़ा में अटैचमेंट का खेल?
ग्रामीण स्कूलों से दफ्तर तक का सफर, आखिर वेतन कहाँ से और काम कहाँ?
घरघोड़ा। विकासखंड शिक्षा कार्यालय (BEO) घरघोड़ा में कर्मचारियों के अटैचमेंट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में स्टाफ की कमी की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, वहीं दूसरी ओर कार्यालयों में कर्मचारियों की तैनाती को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
चर्चा है कि कुछ कर्मचारी और शिक्षक अपने मूल पदस्थापन स्थल से अलग कार्यालयों में कार्य कर रहे हैं। हालांकि वर्तमान में कितने कर्मचारी, किन-किन स्कूलों से और किस आदेश के आधार पर BEO कार्यालय में अटैच हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति और तथ्यों की पुष्टि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी प्राप्त होने के बाद ही हो सकेगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी कर्मचारी का मूल पदस्थापन ग्रामीण विद्यालय में है और उसका वेतन वहीं से आहरित हो रहा है, तो वह कार्यालय में किस आदेश के तहत कार्यरत है? क्या संबंधित अटैचमेंट सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से हुआ है? यदि हुआ है तो उसकी अवधि क्या है और वर्तमान में उसकी वैधता क्या है?
शिक्षा व्यवस्था से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में कर्मचारी स्कूलों से हटकर कार्यालयों में कार्यरत पाए जाते हैं तो इसका सीधा असर ग्रामीण विद्यालयों की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ सकता है। वहीं यदि सभी अटैचमेंट नियमानुसार और स्वीकृत हैं, तो इसकी जानकारी भी सार्वजनिक होना आवश्यक है।
अब निगाहें RTI के माध्यम से मांगी गई जानकारी पर टिकी हैं। RTI से प्राप्त दस्तावेजों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विकासखंड में अटैचमेंट की वास्तविक स्थिति क्या है, कितने कर्मचारी कार्यालयों में संलग्न हैं, उनका मूल पदस्थापन कहाँ है तथा उन्हें किस आदेश के तहत कार्यालयीन कार्य सौंपा गया है।
फिलहाल यह मामला सवालों और चर्चाओं के केंद्र में है, जबकि अंतिम निष्कर्ष RTI से प्राप्त आधिकारिक जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर ही सामने आएगा |
