July 23, 2026

20 साल से मौत का सफर बनी केशला-तोलगे सड़क! अब फूटा जनाक्रोश, 31 जुलाई तक काम नहीं शुरू हुआ तो होगा महाचक्काजाम

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15 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीणों का अल्टीमेटम— “अब आश्वासन नहीं, सड़क चाहिए”

एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, प्रशासन को दो टूक चेतावनी— निर्माण शुरू नहीं हुआ तो सड़क पर उतरेगी जनता

लैलूंगा। लैलूंगा और तमनार विकासखंड को जोड़ने वाली केशला-तोलगे मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्र में वर्षों से सुलग रहा आक्रोश अब आंदोलन की दहलीज पर पहुंच गया है। लगभग 20 वर्षों से जर्जर पड़ी इस सड़क के निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), लैलूंगा को ज्ञापन सौंपते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि 31 जुलाई 2026 तक निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, तो केशला मोड़ (कुंजारा हाई स्कूल के पास) पर विशाल चक्काजाम कर जन आंदोलन किया जाएगा।

20 साल की उपेक्षा, हजारों लोगों की रोज़ की परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क केवल आवागमन का मार्ग नहीं, बल्कि 15 ग्राम पंचायतों के हजारों लोगों की जीवनरेखा है। प्रतिदिन इसी मार्ग से छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज जाते हैं, किसान अपनी उपज बाजार तक पहुंचाते हैं, मरीज अस्पताल जाते हैं और आम नागरिक अपने दैनिक कार्यों के लिए आवाजाही करते हैं।

लेकिन वर्षों की उपेक्षा ने इस सड़क को गड्ढों, उखड़ी डामर और कीचड़ से भर दिया है। बारिश में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि कई स्थानों पर सड़क पहचानना मुश्किल हो जाता है।

सबसे ज्यादा परेशानी विद्यार्थियों, किसानों और मरीजों को

ग्रामीणों के अनुसार सड़क की खराब हालत के कारण एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती, जिससे गंभीर मरीजों की जान तक खतरे में पड़ जाती है। स्कूली बच्चे और कॉलेज के विद्यार्थी रोज़ाना जोखिम उठाकर सफर करने को मजबूर हैं, जबकि किसानों को अपनी उपज ले जाने में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

‘सिर्फ सर्वे और आश्वासन, धरातल पर कुछ नहीं’

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पिछले कई वर्षों से सड़क निर्माण को लेकर सर्वे, स्वीकृति और घोषणाएं तो होती रहीं, लेकिन धरातल पर स्थायी निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका। इससे लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा असंतोष है।

ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल वादों से काम नहीं चलेगा। सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो पूरा क्षेत्र लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।

31 जुलाई अंतिम चेतावनी

ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि यदि 31 जुलाई 2026 तक सड़क निर्माण अथवा आवश्यक मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो लैलूंगा-घरघोड़ा मुख्य मार्ग स्थित केशला मोड़ पर विशाल चक्काजाम किया जाएगा। आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दिखाई एकजुटता

इस आंदोलन के समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी एकजुटता दिखाई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब यह केवल सड़क का मुद्दा नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बुनियादी अधिकारों की लड़ाई बन चुकी है।

अब प्रशासन के सामने बड़े सवाल…❓

.क्या 20 वर्षों से लंबित सड़क निर्माण अब शुरू होगा?

.क्या 15 ग्राम पंचायतों के हजारों लोगों को राहत मिलेगी?

.क्या 31 जुलाई से पहले प्रशासन कोई ठोस निर्णय लेगा?

.या फिर केशला मोड़ पर होने वाला चक्काजाम बड़े जन आंदोलन का रूप लेगा?

फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समय रहते निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो केशला-तोलगे सड़क का मुद्दा आने वाले दिनों में क्षेत्र का सबसे बड़ा जन आंदोलन बन सकता है।