28 सितंबर की जनसुनवाई पर संग्राम!
बीएस कंपनी की प्रस्तावित जनसुनवाई रद्द करने की मांग, श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ ने SDM को सौंपा ज्ञापन
रद्द नहीं हुई जनसुनवाई तो 28 सितंबर को धरना-प्रदर्शन का ऐलान, आम जनता के साथ आंदोलन की चेतावनी
घरघोड़ा। बीएस कंपनी से संबंधित 28 सितंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर घरघोड़ा क्षेत्र में विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। बुधवार को छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ, घरघोड़ा इकाई ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं एसडीएम, घरघोड़ा को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित जनसुनवाई को रद्द करने की मांग की।
संघ ने प्रशासन के समक्ष स्पष्ट किया कि जनसुनवाई को लेकर क्षेत्र के नागरिकों के बीच कई तरह की चिंताएं, आपत्तियां और असहमति सामने आ रही हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों की भावनाओं और आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए जनसुनवाई कराए जाने के बजाय प्रशासन को पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
रद्द नहीं हुई तो सड़क पर उतरने का ऐलान
ज्ञापन में संघ ने दो टूक कहा कि यदि 28 सितंबर की प्रस्तावित जनसुनवाई रद्द नहीं की गई, तो उसी दिन छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ, घरघोड़ा एवं आम जनता के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने प्रशासन को समय रहते निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर उठ रही आपत्तियों को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।
जनसुनवाई से पहले बढ़ा विरोध, प्रशासन के निर्णय पर नजर
बीएस कंपनी की प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर अब प्रशासन के सामने भी चुनौती बढ़ गई है। एक ओर कंपनी से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर जनसुनवाई के आयोजन को लेकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। पत्रकार संगठन द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने और आंदोलन की चेतावनी के बाद अब प्रशासन 28 सितंबर की जनसुनवाई को लेकर क्या निर्णय लेता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
संघ का संदेश साफ है—मांग पर निर्णय नहीं हुआ तो 28 सितंबर को विरोध सड़क पर दिखाई देगा।
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