चिटफंड कंपनी के फरार डायरेक्टर पर रायगढ़ पुलिस का शिकंजा, जशपुर से दबोचा
कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेशकों से लाखों रुपये जमा कराने का आरोप, कंपनी बंद कर फरार था डायरेक्टर — 2017 से चल रही थी तलाश, घरघोड़ा पुलिस ने जशपुर से पकड़ा
रायगढ़/घरघोड़ा। फरार आरोपियों और लंबित मामलों में कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत रायगढ़ पुलिस ने चिटफंड मामले में बड़ी कार्रवाई की है। घरघोड़ा पुलिस ने करीब नौ वर्ष पुराने चिटफंड धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहे कंपनी डायरेक्टर सुनील तिवारी को जशपुर से अभिरक्षा में लेकर रायगढ़ लाया। पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।
निवेशकों को ज्यादा रकम का दिखाया था सपना
मामला वर्ष 2017 में सामने आया था। पुलिस के अनुसार, नवापारा घरघोड़ा में “शुष्क इंडिया लिमिटेड” नामक कंपनी के माध्यम से लोगों से निवेश कराया जा रहा था। निवेशकों को कम समय में अधिक रकम मिलने का भरोसा दिलाकर मासिक किस्त और फिक्स डिपॉजिट के नाम पर पैसा जमा कराया गया।
प्रार्थी लालबाबू गुप्ता ने भी वर्ष 2012 से अपने तथा अपने परिजनों के नाम पर प्रतिमाह 601 रुपये जमा करना शुरू किया था। इसके अलावा क्षेत्र के कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में अपनी रकम निवेश की थी।
बताया गया कि वर्ष 2016 में कंपनी से जुड़े राजकुमार कोसे के घरघोड़ा से चले जाने के बाद निवेशकों की रकम वापस नहीं हुई। रकम मांगने पर कंपनी बंद होने और उसके खिलाफ मामला चलने की बात कही गई। इसके बाद निवेशकों ने पुलिस से शिकायत की।
2017 में दर्ज हुआ था धोखाधड़ी का मामला
शिकायत पर थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 61/2017 के तहत धारा 420, 467, 468 भादवि तथा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम, 2005 की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान निवेशकों के बयान दर्ज किए गए तथा कंपनी से संबंधित दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की गई। मुख्य आरोपी राजकुमार कोसे की गिरफ्तारी के बाद विवेचना पूरी कर 11 जून 2017 को अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
ROC जांच में सामने आए कंपनी के डायरेक्टर
मामले की आगे की विवेचना में कंपनी के डायरेक्टरों की जानकारी ROC ग्वालियर से प्राप्त की गई। जांच में—
– दिनेश सैनी, निवासी मक्सी, जिला शाजापुर
– नरेंद्र लोधी, निवासी मक्सी, जिला शाजापुर
– सुनील तिवारी, निवासी इंदौर
के नाम कंपनी के डायरेक्टर के रूप में सामने आए।
पुलिस के मुताबिक दिनेश सैनी को पूर्व में केंद्रीय जेल उज्जैन से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ के बाद 28 जून 2022 को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जशपुर पहुंचते ही पुलिस ने बिछाया जाल
प्रकरण के शेष फरार आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी। इसी दौरान घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू को सूचना मिली कि फरार डायरेक्टर सुनील तिवारी जशपुर आया हुआ है।
सूचना मिलते ही घरघोड़ा पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 3 सितंबर 2026 को जशपुर से सुनील तिवारी को अभिरक्षा में लिया और थाना घरघोड़ा लाकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर अपराध में शामिल होना स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।
ऑपरेशन क्लीन हंट में लगातार कार्रवाई
रायगढ़ पुलिस का “ऑपरेशन क्लीन हंट” जिले में लंबे समय से फरार आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी पर केंद्रित है। चिटफंड मामले में हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान के तहत की गई है। पुलिस अब मामले में फरार अन्य आरोपियों की भी पतासाजी कर रही है।
इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन में, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन में की गई।
आरोपी की पतासाजी और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू, एएसआई डेविड टोप्पो एवं आरक्षक हरीश पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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