राजस्व प्रकरणों के निपटारे में अब नहीं चलेगी ढिलाई, कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
नामांतरण, सीमांकन, नक्शा-बटांकन और फौती नामांतरण के लंबित मामलों को समय-सीमा में निपटाने पर जोर | भूमि आवंटन में एनओसी के नाम पर अनावश्यक देरी रोकने के निर्देश
रायगढ़। जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण को लेकर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर कामकाज की गहन समीक्षा की। एनआईसी कक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने नामांतरण, सीमांकन, नक्शा-बटांकन, फौती नामांतरण सहित विभिन्न लंबित राजस्व मामलों की स्थिति जानी और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि बारिश का मौसम समाप्त हो चुका है, ऐसे में अब राजस्व अधिकारी पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतरें और लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
✨वन अधिकार पट्टा और फौती नामांतरण पर भी फोकस
बैठक में वन अधिकार पट्टा एवं फौती नामांतरण से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि नियमानुसार पात्र प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जाए। इसके साथ ही डीसीएस कार्य को भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
✨भूमि आवंटन में एनओसी के नाम पर लंबित न रहें प्रकरण
शासकीय विभागों को भूमि आवंटन से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनओसी की प्रक्रिया के कारण भूमि आवंटन के प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए। विकास एवं शासकीय योजनाओं से जुड़े कार्यों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया समय पर पूरी हो, इसके लिए संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
✨मिसल-खसरा मिलान को प्राथमिकता
कलेक्टर ने मिसल से खसरा मिलान की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों का दुरुस्तीकरण और मिसल-खसरा मिलान आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक राजस्व व्यवस्था तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
✨पंचायत समाधान मंच से स्थानीय स्तर पर सुलझाएं मामले
पंचायत समाधान मंच की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने इसके अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से स्थानीय स्तर पर प्रकरणों का समाधान करने के लिए यह प्रभावी माध्यम है। न्यायालयीन प्रकरणों का भी प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए, ताकि अनावश्यक रूप से मामले लंबित न रहें।
✨राजस्व वन भूमि में अवैध कटाई पर रहेगी नजर
कलेक्टर ने मसाहती एवं असर्वेक्षित ग्रामों के सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा में सर्वे कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं राजस्व वन भूमि में वृक्ष कटाई के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि अनुमति केवल नियमानुसार ही दी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध रूप से वृक्षों की कटाई किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा सभी राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखें।
बैठक में एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम एवं शिल्पा भगत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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