October 19, 2026

आंगनबाड़ी केंद्रों की सुपोषण गतिविधियों में जनभागीदारी बढ़ाएं-कलेक्टर

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महिला कोष व सक्षम ऋण योजना से महिलाओं को स्वावलंबी बनाने पर जोर

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए योजनाओं के बेहतर जमीनी क्रियान्वयन के निर्देश

रायगढ़, / महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि पात्र हितग्राहियों को उसका वास्तविक लाभ मिले।
कलेक्टर ने सभी सीडीपीओ को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग की किसी एक योजना को विशेष रूप से फोकस कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिले में उस योजना का ऐसा बेहतर मॉडल तैयार किया जाए, जिसे राज्य स्तर पर उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित सुपोषण चौपाल और न्योता भोज में अधिक से अधिक सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समुदाय को भी इन गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि बच्चों के पोषण को लेकर जनभागीदारी और जागरूकता बढ़े।
कलेक्टर ने रेडी-टू-ईट उत्पादन एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरण, टीएचआर वितरण, पोषण ट्रैकर एवं ग्रोथ मॉनिटरिंग एप में प्रविष्टि, पूरक पोषण आहार तथा हितग्राहियों को भुगतान की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना सहित विभिन्न योजनाओं का पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने मैदानी अमला पूरी सक्रियता के साथ कार्य करें। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से समय-समय पर विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वीएचएनडी एवं चिरायु योजना के माध्यम से बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए महिला कोष एवं सक्षम ऋण योजना का अधिक से अधिक लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में कुपोषण प्रबंधन, स्थानीय खाद्य पदार्थ आधारित पोषण प्रबंधन, शिशु एवं बाल पोषण तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर भी कलेक्टर ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि ‘सुपोषित बचपन-समृद्ध भविष्य’ के लक्ष्य को लेकर विभागीय अधिकारी समन्वित प्रयास करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता के साथ परिणाम पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण, केंद्रों में शौचालय की स्वीकृति एवं निर्माण तथा बाल संदर्भ योजना के तहत जरूरतमंद बच्चों को दवाइयों की उपलब्धता की स्थिति की जानकारी ली गई और आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अरुण पांडे, सभी परियोजनाओं के सीडीपीओ, सेक्टर सुपरवाइजर एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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