October 19, 2026

इवनिंग वॉक से शुरू हुई अपहरण की खौफनाक साजिश, UPI के जरिए डिजिटल लूट! पुसौर पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचा

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आंखों पर पट्टी, गर्दन पर चाकू और मोबाइल से रकम ट्रांसफर कराने का खेल; पंडरीपानी में बंधक प्रोफेसर को परिजनों ने तलाशा, पुलिस ने खोली साजिश की परतें

रायगढ़। अपराधियों ने लूट का ऐसा तरीका अपनाया, जिसमें हथियार के डर से पीड़ित का मोबाइल ही रकम निकालने का जरिया बन गया। पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जकेला में डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता के अपहरण और डिजिटल लूट के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि प्रोफेसर को सुनसान जगह पर ले जाकर चाकू की नोक पर धमकाया गया, आंखों पर पट्टी बांधी गई और मोबाइल तथा UPI की गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से रकम ट्रांसफर कराई गई।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुसौर पुलिस ने लगातार दबिश और पूछताछ के आधार पर मामले का खुलासा किया। पुलिस ने ₹99,100 नकद के साथ वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, चाकू और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

⚡पहले अकेले व्यक्ति को बनाया निशाना, फिर शुरू हुआ डिजिटल लूट का खेल

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 5 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता ग्राम जकेला के डीपापारा और शोभा राइस मिल के पास इवनिंग वॉक कर रहे थे। थकान होने पर वे सड़क किनारे डबरी के पास माइलस्टोन पर बैठ गए। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया और सुनसान स्थान पर ले गए।

आरोप है कि प्रोफेसर की आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें चाकू दिखाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद मारपीट कर मोबाइल का पासवर्ड, Google Pay और BHIM UPI से संबंधित जानकारी हासिल की गई।

वारदात का सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित के मोबाइल से ही डिजिटल भुगतान कराकर रकम दूसरे खाते में भेजी। इस तरह अपहरण और धमकी के साथ डिजिटल माध्यम से धन ऐंठने की वारदात को अंजाम दिया गया।

✨महिला के QR कोड पर ट्रांसफर कराई रकम

पुलिस की विवेचना के मुताबिक, आरोपियों ने एक महिला के खाते का QR कोड मंगवाया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए प्रोफेसर के खाते से रकम ट्रांसफर कराई। पुलिस का कहना है कि खाते की उपलब्ध ट्रांजेक्शन लिमिट समाप्त होने तक रकम निकालने की कोशिश की गई।

आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित को परिजनों से फोन पर सामान्य बातचीत करने के लिए भी मजबूर किया, ताकि परिवार को अपहरण की भनक न लगे। लेकिन यही कोशिश उनके लिए मुश्किल बन गई। बातचीत के दौरान परिजनों को संदेह हुआ और उन्होंने प्रोफेसर की तलाश शुरू कर दी।

⚡पंडरीपानी के कमरे में बंधक, परिजनों की सतर्कता से बचाव

प्रोफेसर को मोटरसाइकिल से थाना भूपदेवपुर क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी ले जाकर एक कमरे में बंधक बनाकर रखने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। परिजन तलाश करते हुए वहां पहुंचे तो आरोपियों को उनके आने की भनक लग गई। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

सूचना मिलते ही पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रोफेसर को सकुशल मुक्त कराया। घटना के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 256/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 309(6), 142 और 351(3) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

✨3 अक्टूबर को बनी योजना, 5 अक्टूबर को वारदात

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि कथित साजिश की शुरुआत घटना से करीब तीन दिन पहले हुई थी। 3 अक्टूबर को मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत और दिनेश सारथी, सुनील सारथी के छातामुड़ा स्थित घर पहुंचे थे। यहां अपहरण कर रकम ऐंठने की योजना बनाए जाने की बात सामने आई।

इसके बाद 5 अक्टूबर की शाम आरोपी मोटरसाइकिल से जकेला पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, प्रोफेसर को सड़क किनारे अकेले बैठे देखकर आरोपियों ने उन्हें निशाना बनाया। कथित तौर पर उन्हें पकड़कर डबरी के पीछे ले जाया गया और फिर मोटरसाइकिल से दूसरे स्थान पर पहुंचाया गया।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पीड़ित को लगातार धमकाकर डिजिटल भुगतान कराया और बाद में पंडरीपानी में बंधक बनाकर रखा। मामले में रकम के लेन-देन, आरोपियों की भूमिका और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है।

⚡24 घंटे में पहली गिरफ्तारी, फिर तीन अन्य आरोपी भी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और एएसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। थाना प्रभारी हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में गठित टीम ने पहले सुनील सारथी को गिरफ्तार किया। इसके बाद पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, नरेंद्र उर्फ नंदू महंत और दिनेश सारथी को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की साजिश और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया गया। आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम का रिक्रिएशन भी कराया गया।

✨₹99,100 नकद और वारदात में इस्तेमाल सामग्री जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं निशानदेही पर कुल ₹99,100 नकद बरामद किए। इसके अलावा राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत से एक मोबाइल फोन, नरेंद्र उर्फ नंदू महंत से दो मोबाइल फोन, दिनेश सारथी से एक चाकू और ग्राम पंडरीपानी से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की गई।

पुलिस के अनुसार, सुनील सारथी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की गई, जबकि शेष तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा था। मुख्य आरोपी राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी पुलिस ने दी है।

⚡पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक रिकेन्द्र चंद्राकर, प्रधान आरक्षक चंद्रहास नायक, आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा, महेश चौहान, ठंडाराम गुप्ता, तारिक अनवर, महिला आरक्षक किशोरी चौहान तथा कंप्यूटर ऑपरेटर कैलाश गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपहरण और लूट जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। अपराध करके कानून से बचने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

✨इस वारदात ने फिर उठाए डिजिटल सुरक्षा पर सवाल

यह मामला बताता है कि मोबाइल फोन और डिजिटल भुगतान की जानकारी अपराधियों के हाथ लगने पर गंभीर आर्थिक नुकसान का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे मामलों में UPI पिन, मोबाइल पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। किसी भी संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तत्काल बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करना उपयोगी कदम हो सकता है।

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