October 19, 2026

सड़क किनारे झोपड़ी में चल रहा था अवैध डीजल का कारोबार! छाल पुलिस ने 415 लीटर डीजल के साथ आरोपी को दबोचा

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वाहनों से सस्ते में डीजल खरीदकर महंगे दाम पर बेचने का आरोप, ₹41,500 का डीजल जब्त; बिल और वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर कार्रवाई

रायगढ़। सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर डीजल के कथित अवैध कारोबार का मामला सामने आया है। रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र में पुलिस ने हाटी-ढोढ़ीखार मुख्य मार्ग के किनारे दबिश देकर 415 लीटर डीजल जब्त किया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी आने-जाने वाले वाहनों से कम कीमत पर डीजल खरीदकर उसे ड्रमों में जमा करता था और बाद में अधिक कीमत पर बेचता था। मौके पर डीजल के बिल और वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई की।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने जब्त डीजल की कीमत लगभग ₹41,500 बताई है।

मुख्य मार्ग के किनारे ड्रमों में भरकर रखा था डीजल

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को छाल थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम हाटी-ढोढ़ीखार के पास मुख्य मार्ग किनारे एक झोपड़ी में डीजल का अवैध भंडारण कर उसकी बिक्री की जा रही है।

सूचना में ज्वलनशील पदार्थ को असुरक्षित तरीके से रखे जाने से आगजनी और दुर्घटना की आशंका भी जताई गई थी। इसके बाद छाल पुलिस की टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान राजेश उर्फ कारू साव डीजल का भंडारण कर बिक्री करते हुए मिला। पुलिस ने डीजल से संबंधित बिल और वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन आरोपी उन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका।

दो ड्रम और एक जरकीन से मिला 415 लीटर डीजल

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से निम्न सामग्री जब्त की:

  • एक प्लास्टिक ड्रम में लगभग 200 लीटर डीजल।
  • दूसरे नीले प्लास्टिक ड्रम में लगभग 200 लीटर डीजल।
  • एक पीली प्लास्टिक जरकीन में लगभग 15 लीटर डीजल।
  • डीजल निकालने में इस्तेमाल होने वाला एक पाइप और एक चाड़ी।

इस प्रकार कुल 415 लीटर डीजल जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹41,500 बताई गई है। पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में जब्ती पत्रक तैयार कर सामग्री जब्त की।

सस्ते में खरीद, महंगे दाम पर बिक्री का आरोप

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी राजेश उर्फ कारू साव ने बताया कि वह कुछ समय से हाटी-ढोढ़ीखार मुख्य मार्ग के किनारे छोटी झोपड़ी बनाकर रह रहा था। आरोप है कि वह गुजरने वाले वाहनों से कम कीमत पर डीजल खरीदता, उसे ड्रमों में जमा करता और बाद में अधिक कीमत पर बेचता था।

पुलिस ने मामले में ज्वलनशील पदार्थ के भंडारण, बिक्री और वैध दस्तावेजों से संबंधित पहलुओं पर कार्रवाई की है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 287 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7 के तहत अपराध का साक्ष्य पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

आरोपी गिरफ्तार, रिमांड पर भेजा गया

पुलिस ने आरोपी की पहचान राजेश उर्फ कारू साव, पिता कृष्ण उर्फ कृशन साव, उम्र 38 वर्ष, निवासी सिथरा, थाना धरमजयगढ़, जिला रायगढ़ के रूप में की है। उसे 8 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:40 बजे गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को रिमांड पर भेजा गया है।

कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के पर्यवेक्षण में हुई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्री, प्रधान आरक्षक अशोक देवांगन, आरक्षक लालजीत राठिया, आरक्षक राजेश राठौर एवं आरक्षक दिलीप सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि ज्वलनशील पदार्थों का असुरक्षित भंडारण आम नागरिकों के जीवन और संपत्ति के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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