October 19, 2026

बड़गांव में B.S. Sponge के समर्थन में ग्रामीणों की हुंकार! बाउंड्रीवॉल रोकने वालों पर उठाए सवाल

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160 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित उद्योग को लेकर SDM को सौंपा आवेदन, ग्रामीणों ने कहा—रोजगार और विकास के अवसरों को बाधित न किया जाए

घरघोड़ा/। रायगढ़ जिले के तमनार तहसील अंतर्गत ग्राम बड़गांव में B.S. Sponge उद्योग की स्थापना को लेकर एक नया घटनाक्रम सामने आया है। प्रस्तावित उद्योग के समर्थन में ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को आवेदन सौंपकर अपनी बात रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि उद्योग स्थापना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं और स्थानीय परिवारों को आजीविका का सहारा मिल सकता है।

⚡ग्रामीणों का दावा—हमारे नाम पर विरोध की बात करना गलत

ग्रामीणों ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि वे अपनी भूमि पर बाउंड्रीवॉल निर्माण तथा प्रस्तावित उद्योग की स्थापना के पक्ष में हैं। आवेदन के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा बार-बार अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब वे स्वयं उद्योग के समर्थन में हैं, तो उनके नाम पर विरोध की बात क्यों कही जा रही है?

✨रोजगार की आस, स्थानीय युवाओं को मिले प्राथमिकता

ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में उद्योग की स्थापना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का अवसर बन सकती है। बाउंड्रीवॉल निर्माण में भी स्थानीय लोगों को काम मिलने की बात आवेदन में कही गई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उद्योग शुरू होने पर रोजगार के साथ क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार होगा।

⚡प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

आवेदन के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन से बाउंड्रीवॉल निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव के सभी लोगों की सहमति या असहमति को लेकर कोई भी दावा करने से पहले वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

✨उद्योग के समर्थन के बीच पर्यावरणीय नियमों पर भी नजर

बड़गांव में उद्योग स्थापना को लेकर ग्रामीणों के समर्थन का आवेदन सामने आने के बाद अब प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। उद्योग का समर्थन करने वाले ग्रामीण जहां रोजगार और विकास की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं उद्योग स्थापना के लिए सभी आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृतियों, प्रदूषण नियंत्रण संबंधी अनुमतियों और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य रहेगा।

⚡अब सवाल यह है कि प्रशासन ग्रामीणों के आवेदन पर क्या कार्रवाई करता है और बाउंड्रीवॉल निर्माण को लेकर जारी विवाद का समाधान कब तक निकलता है।

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