January 26, 2026

धान खरीदी में लापरवाही पर कड़ा प्रहार

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लिबरा के सहायक समिति प्रबंधक निलंबित, प्रशासन का सख्त संदेश

रायगढ़।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के स्पष्ट और कड़े निर्देशों के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा उदासीनता को बर्दाश्त नहीं किया जा रहा है। किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी की सतत निगरानी और निर्देशन में जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितता उजागर होने पर सेवा सहकारी समिति मर्यादित लिबरा के सहायक समिति प्रबंधक आनंद कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निरीक्षण में खुली लापरवाही की परतें
उप आयुक्त सहकारिता ने जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की केंद्रवार निगरानी हेतु कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसी क्रम में लैलूंगा विकासखंड के सहकारिता विस्तार अधिकारी द्वारा धान खरीदी केंद्र लिबरा का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
निरीक्षण प्रतिवेदन में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया कि सहायक समिति प्रबंधक द्वारा शासन के निर्देशों के अनुरूप धान खरीदी नहीं की जा रही थी। खरीदी प्रक्रिया में घोर लापरवाही और उदासीनता बरती जा रही थी, जिससे न केवल व्यवस्था प्रभावित हो रही थी बल्कि किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
शासन के निर्देशों की खुली अवहेलना
प्रतिवेदन में यह भी सामने आया कि छत्तीसगढ़ शासन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को जारी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे धान खरीदी कार्य में लगातार व्यवधान उत्पन्न हो रहा था।
ESMA लागू, फिर भी लापरवाही
गौरतलब है कि 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी अवधि में संलग्न सभी कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA Act) लागू है। इसके बावजूद कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही को प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से लिया और यह कड़ी कार्रवाई की गई।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्धता और किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आने वाले समय में भी धान खरीदी कार्य में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।