छाल रोड पर स्कूली समय में नो-एंट्री की खुलेआम उड़ रही धज्जियाँ….
भारी वाहनों की आवाजाही जारी — पुलिस प्रशासन बना मूकदर्शक
घरघोड़ा!छाल रोड पर स्कूली समय में लागू नो-एंट्री नियम इन दिनों केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। सुबह और दोपहर के व्यस्त स्कूल टाइम में भी भारी वाहन धड़ल्ले से सड़क पर दौड़ते दिख रहे हैं, जिससे स्कूली बच्चों और अभिभावकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। हैरानी की बात यह है कि रोजाना हो रहे इस उल्लंघन के बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूल खुलने और छुट्टी के समय सड़क पर ट्रकों और डंपरों की आवाजाही आम बात हो गई है। कई बार बच्चों को सड़क किनारे खड़े होकर भारी वाहनों के गुजरने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। अभिभावकों में भी इस लापरवाही को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है।
नो-एंट्री का बोर्ड लगा होने के बावजूद नियमों की अनदेखी यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यदि समय-समय पर पुलिस गश्त और सख्ती होती, तो हालात इतने बेपरवाह नहीं होते।
छेत्रवासियो का कहना है कि स्कूल टाइम के दौरान छाल रोड पर कड़ाई से नो-एंट्री लागू कराई जाए, नियमित चेकिंग हो और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। फिलहाल स्थिति यह है कि नियम मौजूद हैं, पर पालन कराने वाला तंत्र कहीं नजर नहीं आ रहा।
