“ऑपरेशन शंखनाद” में बड़ी सफलता: 16 गौवंश तस्करों के कब्जे से मुक्त, एक गिरफ्तार
रायगढ़।रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत गौवंश तस्करी पर एक और बड़ी कार्यवाही की गई है। थाना लैलूंगा पुलिस ने घेराबंदी कर 16 गौवंश को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में गौवंश संरक्षण के लिए सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 17 फरवरी की शाम लैलूंगा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आमापाली से झगरपुर मार्ग होते हुए मवेशियों को ओडिशा के बूचड़खाने ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम झगरपुर के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध युवक को मवेशियों के साथ पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम देवानंद यादव (32 वर्ष), निवासी ग्राम आमापाली, थाना लैलूंगा बताया। उसके कब्जे से 16 नग कृषक धन गौवंश बरामद किए गए।
परिवहन के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें आरोपी ने रब्बुल खान नामक व्यक्ति के साथ मिलकर मवेशियों को ओडिशा ले जाना स्वीकार किया। सह-आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी पुलिस द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
गौवंश की सुरक्षा और देखभाल
बरामद गौवंश का पशु चिकित्सक से परीक्षण कराकर उन्हें सुरक्षित रूप से सलखिया गौशाला भेजा गया है, जहां चारा-पानी की समुचित व्यवस्था की गई है।
वैधानिक कार्यवाही
प्रकरण में थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 52/2026 दर्ज कर आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पशु संरक्षण एवं पशु क्रूरता से संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।
सख्त चेतावनी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है—
“जिले में एक भी गौवंश की तस्करी होने नहीं दी जाएगी। ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत मवेशी तस्करों पर लगातार कठोर कार्यवाही जारी रहेगी।”
इस कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साहू सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
रायगढ़ पुलिस का अभियान जारी — गौवंश तस्करी पर सख्त निगरानी।
