January 26, 2026

गुमशुदा पंचायत सचिव जयपाल सिदार की हत्या का पुलिस ने किया पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता पहले से जेल में बंद

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रायगढ़, 31 जुलाई 2025: रायगढ़ जिले में ग्राम पंचायत पाकरगांव के सचिव जयपाल सिदार की गुमशुदगी के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए इसे एक सुनियोजित हत्या करार दिया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता शिव साहू पहले से ही हत्या के एक अन्य प्रकरण में जेल में बंद है।

जयपाल सिदार 7 जुलाई को बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद अपनी कार (CG12 BA 6453) से कहीं गए थे, जिसके बाद से वे लापता हो गए थे। परिजनों द्वारा थाना लैलूंगा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया।

पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश जून माह में ही रची गई थी। मुख्य आरोपी शुभम गुप्ता, कमलेश यादव और मदन गोपाल सिदार ने मिलकर जयपाल सिदार को 7 जुलाई की सुबह कोतबा जाने के बहाने बुलाया और फिर चलती कार में गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। शव को सिसरिंगा घाटी में फेंक दिया गया, जबकि मोबाइल मैनपाट के जंगल में और बिना नंबर की कार को लाखा (पूंजीपथरा) के पास छोड़कर आरोपी फरार हो गए।

पूछताछ में पता चला कि मुख्य साजिशकर्ता शिव साहू, जो कि रायगढ़ के फुटहामुडा निवासी है और एक पुराने हत्या मामले में जेल में बंद है, उसने ही शुभम को ₹1,00,000 में हत्या की सुपारी दी थी। शुभम ने जून में अपने साथियों के साथ मिलकर योजना बनाई और हत्या को अंजाम दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए हत्या में प्रयुक्त गमछे को भी जला दिया गया।

गिरफ्तार आरोपी:

  1. मदन गोपाल सिदार (19 वर्ष), निवासी पाकरगांव
  2. युगल किशोर उर्फ शुभम गुप्ता (20 वर्ष), निवासी पाकरगांव
  3. कमलेश यादव (19 वर्ष), निवासी मथपहाड़, जिला जशपुर
  4. शिव साहू – मुख्य साजिशकर्ता, वर्तमान में जेल में बंद

पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया और मामले को हत्या में तब्दील करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238, 61(2), 3(5) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध किया।

इस बड़ी सफलता का श्रेय पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के नेतृत्व को जाता है। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश मरकाम, सीएसपी श्री अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी, थाना लैलूंगा और धरमजयगढ़ की पुलिस टीम व साइबर सेल की संयुक्त भूमिका सराहनीय रही।

पुलिस मामले की आगे गहराई से विवेचना कर रही है और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की तलाश भी जारी है।