जशपुर जनसम्पर्क विभाग में नियुक्ति का काला चिट्ठा खोलने की तैयारी, आर.टी.आई से मांगी पूरी फाइल….
रायगढ़। जशपुर जिले में पदस्थ जनसम्पर्क अधिकारी सह सहायक संचालक नूतन सिदार की नियुक्ति अब बड़े विवाद में घिरती नजर आ रही है। नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ पत्रकार ऋषिकेश मिश्रा ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत विभाग से पूरी फाइल तलब कर दी है।
आर.टी.आई आवेदन (पंजी क्रमांक: 220250913004310) में साफ-साफ मांग की गई है कि –
- नियुक्ति पत्र,
- सेवा पुस्तिका के प्रासंगिक अंश,
- शैक्षणिक प्रमाणपत्र,
- पात्रता व चयन प्रक्रिया से जुड़े अभिलेख,
- विज्ञापन, चयन सूची, आदेश-पत्र,
विभागीय सत्यापन रिपोर्ट सहित
सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां सार्वजनिक की जाएं।
यह मांग सीधे उस प्रक्रिया पर चोट है, जिसके तहत नूतन सिदार को विभाग में जगह मिली। सवाल यह है कि क्या उनकी नियुक्ति वास्तव में नियमों और पात्रता के आधार पर हुई थी, या फिर राजनीतिक संरक्षण और अफसरशाही की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर यह पदस्थापना कर दी गई?
सूत्र बताते हैं कि विभाग के अंदरूनी हलकों में इस नियुक्ति को लेकर पहले से ही कानाफूसी रही है। अब आर.टी.आई के जरिए पूरी फाइल उजागर करने की पहल ने इस मामले को जशपुर से बाहर निकलकर रायगढ़ और प्रदेश स्तर पर सुर्खियों में ला खड़ा किया है।
अगर मांगे गए दस्तावेजों से अनियमितताएं साबित होती हैं तो यह सिर्फ एक अधिकारी की नियुक्ति का मामला नहीं रहेगा, बल्कि पूरे जनसम्पर्क विभाग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर करारा तमाचा होगा।
जनता के मन में सवाल पहले ही उठ चुके हैं –
- क्या विभाग निष्पक्ष तरीके से पूरी जानकारी देगा?
- या फिर आर.टी.आई को लटकाकर सच्चाई दबाने की कोशिश होगी?
किसी भी हाल में यह मामला अब जशपुर जनसम्पर्क विभाग की नियुक्तियों की पोल खोलने वाला सबसे बड़ा टेस्ट केस बनने जा रहा है।
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