November 30, 2025

नगरीय योजनाओं को समय-सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण सुनिश्चित करें-कलेक्टर

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कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने नगरीय निकायों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा, निर्माण गुणवत्ता और समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने दिए निर्देश

रायगढ़/ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में रायगढ़ जिले के सातों नगरीय निकायों की विभिन्न योजनाओं, निर्माण कार्यों, शासन को प्रेषित प्रस्तावों तथा वित्तीय व भौतिक प्रगति की गहन और विस्तृत समीक्षा की। बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर ने नगरीय निकायों के अधिकारियों कोे कड़े निर्देश देते हुए कहा कि राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्राथमिकता में रखे गए कार्यों को समय-सीमा तथा उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करना सभी अधिकारियों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब जिले के विकास कार्यों को प्रभावित करता है, इसलिए सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों के प्रति पूर्ण सतर्कता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
कलेक्टर चतुर्वेदी ने नगरीय निकाय क्षेत्रों में स्वीकृत एवं निर्माण कार्यों से जुड़ी स्थल चयन की समस्याओं, भूमि-संबंधी विवादों तथा कार्य प्रारंभ में आ रही अन्य बाधाओं पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी सभी स्थितियों को तत्काल संबंधित एसडीएम के संज्ञान में लाया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि एसडीएम और नगरीय निकाय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करें ताकि किसी भी निर्माण कार्य में देरी न हो और शासन की योजनाएँ समय पर धरातल पर उतर सकें।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने वर्ष 2025-26 के लिए शासन से प्राप्त लक्ष्य के अनुसार तैयार किए जा चुके डीपीआर के लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पंचायत लैलूंगा और पुसौर में आवास निर्माण की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी प्रकट की तथा कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन निकायों में प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं है, वहां जिम्मेदार अधिकारियों से प्रतिवेदन प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
बैठक में रायगढ़ नगर निगम, खरसिया नगर पालिका तथा नगर पंचायत घरघोड़ा, लैलूंगा, पुसौर, किरोड़ीमल नगर और धरमजयगढ़ में संचालित सभी योजनाओं, निर्माण कार्यों, शासन स्तर पर लंबित तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृतियों, टेंडर प्रक्रियाओं, प्रस्ताव प्रेषण की स्थिति और अन्य सभी विभागीय कार्यों की प्रगति पर क्रमवार चर्चा की गई। कलेक्टर ने पुनः दोहराया कि शासन को भेजे जाने वाले सभी प्रस्ताव समय पर और पूर्ण दस्तावेजों के साथ भेजे जाएँ तथा लंबित प्रकरणों का सतत फॉलोअप किया जाए, ताकि स्वीकृतियाँ विलंबित न हों और कार्य निर्धारित समयावधि में प्रारंभ व पूर्ण हो सकें। वर्ष 2024-25 तथा 2025-26 के लिए प्रस्तावित मदवार कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें कलेक्टर ने विभागवार प्रगति, वित्तीय उपयोग, कार्यों की गुणवत्ता और भौतिक प्रगति की वस्तुनिष्ठ समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि भविष्य की योजनाओं को धरातल पर उतारते समय पारदर्शिता, गुणवत्ता नियंत्रण, समय-सीमा एवं जनउपयोगिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
अटल आवास एवं अटल परिसर निर्माण से संबंधित अद्यतन जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने भवन निर्माण की गुणवत्ता, कार्य की गति और स्थल निरीक्षण की नियमितता पर विशेष जोर दिया तथा निर्देशित किया कि जहाँ भी कार्य अटक रहे हैं, वहां मौके पर जाकर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों ने कार्यों की स्थिति बताई, जिस पर कलेक्टर ने निर्माण की गति और तकनीकी मानकों की पूर्ति को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट जैसी आधारभूत संरचनाएँ नगरीय क्षेत्रों के स्वच्छता प्रबंधन की रीढ़ होती हैं, इसलिए गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।
अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि नगरीय निकाय क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनाधिकृत गतिविधि को सख्ती से रोकें। उन्होंने निर्देश दिया कि नियमित निरीक्षण, उल्लंघनकर्ताओं पर त्वरित कार्रवाई और राजस्व व नियमन संबंधी नियमों का कठोर पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की स्थिति भी प्रस्तुत की गई, जिन पर कलेक्टर ने समय-सीमा तय कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घोषणाएँ जनहित से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनका समय पर क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। ‘वुमेन फॉर ट्री’ अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि महिलाओं की सहभागिता से संचालित पर्यावरणीय पहल अत्यंत प्रभावी सिद्ध होती हैं। उन्होंने इस अभियान को जनसहभागिता आधारित बनाकर अधिकाधिक वृक्षारोपण और संरक्षण कार्य करने को प्रोत्साहित किया।
नगरीय क्षेत्रों में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और सभी सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों तथा सार्वजनिक स्थलों में ऐसी संरचनाएँ स्थापित करने तथा क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नल-जल आपूर्ति और भूजल संरक्षण को मजबूत करने पर भी जोर दिया। नगरपालिकाओं एवं नगर निगमों में दुकानों की नीलामी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पारदर्शी नीलामी, उचित मूल्यांकन और राजस्व वृद्धि पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नीलामी प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष हो और कोई भी दुकान या संपत्ति अनावश्यक रूप से खाली न रहे।
बैठक के अंत में सिटी डेवलपमेंट प्लान की व्यापक समीक्षा की गई, जिसमें शहर के समग्र विकास, सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, हरित क्षेत्र, सौंदर्यीकरण और अन्य आधारभूत संरचना सुधारों पर विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरी विकास कार्यों की योजना बनाते समय भविष्य की आवश्यकताओं, जनसंख्या वृद्धि और जीवन गुणवत्ता में सुधार जैसे प्रमुख बिंदुओं को केंद्र में रखकर कार्य किया जाए। बैठक में आयुक्त नगर निगम बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो एवं संबंधित नगरीय निकायों के अधिकारी उपस्थित थे।