माह फरवरी की पुलिस समीक्षा में जूटमिल अव्वल, कोतवाली और लैलूंगा ने भी दिखाया दम
ओवरऑल प्रदर्शन में जूटमिल प्रथम, कोतवाली द्वितीय, लैलूंगा तृतीय
उत्कृष्ट थाना प्रभारियों को एसएसपी का पुरस्कार, कमजोर थानों को सख्त सुधार निर्देश
रायगढ़। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में फरवरी माह की थाना-वार समीक्षा में पुलिस प्रशासन का सख्त और पारदर्शी चेहरा सामने आया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने माह फरवरी 2026 में जिले के सभी थाना एवं चौकियों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड जारी किया।
बीती रात्रि आयोजित वर्चुअल बैठक में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों और थाना/चौकी प्रभारियों को संबोधित करते हुए एसएसपी ने अपराध पंजीयन व निराकरण, शिकायत निकाल, मर्ग प्रकरण, गुम इंसान दस्तयाबी, एनडीपीएस, आबकारी, जुआ-सट्टा, पशु क्रूरता, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, समंस-वारंट तामिली तथा पुलिस पोर्टलों में प्रविष्टियों की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की।
🔎 अपराध निकाल में ये थाने रहे आगे
फरवरी माह में अपराध निराकरण में जूटमिल, कोतवाली और लैलूंगा थाने अग्रणी रहे।
शिकायतों के निकाल में घरघोड़ा, कोतवाली और जूटमिल ने बेहतर प्रदर्शन किया।
मर्ग प्रकरणों के त्वरित निराकरण में लैलूंगा, चक्रधरनगर और कोतवाली आगे रहे, जबकि गुम इंसानों की दस्तयाबी में कोतरारोड़ और जूटमिल थाना उल्लेखनीय रहा।
🚔 विशेष कार्रवाई में सक्रियता
आबकारी एवं जुआ एक्ट – कोतरारोड़ और जूटमिल की प्रभावी कार्रवाई
प्रतिबंधात्मक कार्रवाई – जूटमिल, तमनार और पूंजीपथरा अग्रणी
वारंट तामिली – लैलूंगा, कोतवाली और जूटमिल का उत्कृष्ट प्रदर्शन
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🏆 ओवरऑल प्रदर्शन में टॉप-3
🥇 प्रथम – थाना जूटमिल
🥈 द्वितीय – थाना कोतवाली
🥉 तृतीय – थाना लैलूंगा
उत्कृष्ट कार्य के लिए थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव, कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल और लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही अन्य संतोषप्रद कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र देने के निर्देश भी जारी किए गए।
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📢 एसएसपी का स्पष्ट संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने दो टूक कहा कि रायगढ़ पुलिस अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करेगी। बदमाशों में पुलिस का प्रभाव दिखना चाहिए और विभाग की छवि से खिलवाड़ किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने निचले क्रम में रहे थाना प्रभारियों को चेतावनी देते हुए आगामी माह में बेहतर परिणाम देने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि कार्यप्रणाली में लापरवाही अब स्वीकार्य नहीं होगी।
👉 फरवरी की यह समीक्षा न केवल प्रदर्शन का मूल्यांकन है, बल्कि यह संदेश भी है कि अब हर थाना जवाबदेह है और बेहतर कार्य ही पहचान बनेगा।
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