September 24, 2026

लैलूंगा : ड्यूटी से ‘गायब’ रहने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर गिरी गाज, 15 दिन का वेतन कटा; सेवा समाप्ति की चेतावनी…

0
IMG-20260409-WA0002.jpg

रायगढ़। सरकारी तंत्र में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अब कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। ताजा मामला लैलूंगा के झगरपुर सेक्टर का है, जहाँ गोसाईडीह आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता श्रीमती कुन्ती भोय को अपनी ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही और लगातार अनुपस्थिति के लिए परियोजना अधिकारी द्वारा ‘द्वितीय कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।

मामला क्या है? – विभागीय जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 को निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाया गया था। उस समय कार्यकर्ता और सहायिका दोनों नदारद थीं। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए पहले भी नोटिस जारी किया था, लेकिन कार्यकर्ता ने उसका जवाब देना तक उचित नहीं समझा।

हद तो तब हो गई जब 7 अप्रैल 2026 को दोबारा किए गए औचक निरीक्षण में भी श्रीमती कुन्ती भोय केंद्र से गायब पाई गईं। स्थानीय लोगों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि उक्त कार्यकर्ता अक्सर अपने केंद्र से गायब रहती हैं।

*बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ :*कार्यकर्ता की इस मनमानी के कारण केंद्र में आने वाले नन्हे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाला पूरक पोषण आहार, अनौपचारिक शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पूरी तरह ठप पड़ा है। विभाग ने इसे ‘घोर लापरवाही’ का परिचायक माना है।

*प्रशासन की सख्त कार्रवाई :*परियोजना अधिकारी (एकीकृत बाल विकास परियोजना, लैलूंगा) ने इस मामले में कड़ा कदम उठाते हुए निम्नलिखित आदेश जारी किए हैं :

* वेतन कटौती: लापरवाही के दंड स्वरूप कार्यकर्ता का 15 दिनों का मानदेय (वेतन) काटने की कार्यवाही की गई है।

* अंतिम चेतावनी : स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि भविष्य में पुनः ऐसी लापरवाही पाई गई, तो सेवा समाप्ति (Terminated) हेतु फाइल उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।
* तत्काल उपस्थिति का निर्देश : कार्यकर्ता को स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।

*अधिकारियों की पैनी नजर :* इस आदेश की प्रतिलिपि जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास, रायगढ़) और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को भी भेज दी गई है, जिससे यह साफ है कि अब काम में चोरी करने वाले कर्मचारियों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है।

बड़ी सीख : यह कार्रवाई उन सभी कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी है जो सरकारी सेवाओं को अपनी जागीर समझकर जनता, विशेषकर बच्चों के अधिकारों का हनन करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *