September 24, 2026

रायगढ़ में “शादी का झांसा”, साइबर ठगी का संगठित खेल बेनकाब

0
IMG-20260413-WA0008.jpg

रायगढ़। शहर में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर चल रहे बड़े साइबर ठगी रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। लोक सेवा केंद्र की आड़ में संचालित इस गिरोह ने ऑनलाइन शादी के नाम पर लोगों को फंसाकर लाखों रुपये ऐंठे। कार्रवाई में मास्टरमाइंड सहित पूरी टीम पुलिस के रडार पर है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने दरोगापारा स्थित एक केंद्र पर दबिश दी। जांच में सामने आया कि संचालक कपिल गर्ग की लोक सेवा केंद्र आईडी पहले ही निरस्त हो चुकी थी, लेकिन वह “इंडिया मैट्रिमोनी” जैसे नामों का इस्तेमाल कर फर्जी विवाह प्लेटफॉर्म चला रहा था।


👉 कैसे चलता था ठगी का खेल?
इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद सुनियोजित थी—

फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबर से युवतियों के नाम पर प्रोफाइल तैयार

यूट्यूब चैनलों पर वीडियो और फोटो अपलोड कर लोगों को आकर्षित किया जाता


संपर्क करने पर पहले बायोडाटा लिया जाता, फिर रजिस्ट्रेशन फीस UPI से वसूली

“मीटिंग आईडी” और बातचीत के नाम पर बार-बार भुगतान कराया जाता

अंत में रिश्ता न होने का बहाना बनाकर संपर्क खत्म

👉 दूसरे ठिकाने पर भी छापा
कपिल गर्ग से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक अन्य सेंटर पर भी कार्रवाई की, जहां से भी इसी तरह की ठगी का नेटवर्क संचालित होना सामने आया।

👉 क्या-क्या बरामद हुआ?
जांच के दौरान पुलिस को मिले—

लैपटॉप, जिसमें फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों से छेड़छाड़ के सबूत

विभिन्न शासकीय विभागों की फर्जी सील-मुहर

दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य

👉 एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी—
“ऑनलाइन मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए होने वाली ठगी पर पुलिस की कड़ी नजर है। आमजन सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

⚠️ सावधान रहें
शादी जैसे संवेदनशील विषय को हथियार बनाकर ठगी करने वाले ऐसे गिरोह तेजी से सक्रिय हैं। बिना सत्यापन किसी भी ऑनलाइन प्रोफाइल पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *