September 23, 2026

कोयला ट्रांसपोर्ट का कहर: घरघोड़ा की सड़कों पर अराजकता, जनता बेहाल!

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एसडीएम दफ्तर पहुंचा जनसैलाब—उस्मान बेग के नेतृत्व में फूटा गुस्सा

अडानी–ट्रांसपोर्टर पर सीधा आरोप: “मुनाफा बढ़ा, सुरक्षा भूली”

चेतावनी: मांगें नहीं मानी तो साइडिंग ठप कराने उतरेगी युवा कांग्रेस

रायगढ़/घरघोड़ा।
घरघोड़ा रेलवे साइडिंग से जुड़े कोयला परिवहन ने अब जनजीवन को बुरी तरह जकड़ लिया है। ओवरलोड गाड़ियां, बेलगाम रफ्तार, उड़ती धूल, टूटी सड़कें और अव्यवस्थित लाइनिंग ने हालात को विस्फोटक बना दिया है। सोमवार को दर्जनों ग्रामीणों के साथ युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष उस्मान बेग सीधे एसडीएम कार्यालय पहुंच गए—और प्रशासन के सामने जनआक्रोश खुलकर फूट पड़ा।

एसडीएम ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच और कार्रवाई का भरोसा तो दिया, लेकिन सवाल अब भरोसे से आगे बढ़ चुका है—जमीन पर बदलाव कब दिखेगा?

🔥 सड़कें बनी ट्रांसपोर्टर का पार्किंग यार्ड

गारे पेलमा से घरघोड़ा तक दौड़ती भारी-भरकम कोयला गाड़ियां अब आम नागरिकों के लिए खतरा बन चुकी हैं।

बायपास चौक, कांटा घर, स्टेशन रोड—हर जगह लंबी कतार

बिना तिरपाल, ओवरलोड ट्रक—धूल का गुबार

तेज रफ्तार—हर दिन हादसे का डर

आम आदमी, स्कूली बच्चे, मरीज—सब इस अराजकता के बीच फंसे हुए हैं।

⚠️ कांटा घर बना जाम का अड्डा

ट्रिप की होड़ में ड्राइवरों की मनमानी—

सड़क पर 2-3 लाइन में खड़ी गाड़ियां

घंटों जाम, एम्बुलेंस तक फंसी

बाजार और स्कूल जाने वालों की रोज की मुसीबत

यह सिर्फ अव्यवस्था नहीं, बल्कि सीधे-सीधे जनसुरक्षा से खिलवाड़ है।

🌫️ 23.6 मिलियन टन उत्पादन, लेकिन बुनियादी सुविधा शून्य!

इतनी बड़ी परियोजना, भारी राजस्व… फिर भी—

न स्थायी पार्किंग

न वेटिंग एरिया

न स्पीड कंट्रोल

न पानी छिड़काव

न सुरक्षा संकेत

सवाल साफ है—क्या मुनाफे के आगे जनता की जान सस्ती है?

🚧 साइडिंग फुल, सड़क जाम—कई किलोमीटर तक लाइन

लोडिंग में देरी और अंदर जगह कम—
तो बाहर सड़क पर खड़ी करा दी जाती हैं सैकड़ों गाड़ियां।
नतीजा: पूरा इलाका ट्रैफिक कैद में।

🌙 रात में संदिग्ध गतिविधियां, बढ़ता डर

बाहरी लोगों की आवाजाही

बिना सत्यापन के काम

दबाव और डराने की शिकायतें

स्थानीयों की मांग—पुलिस जांच और सख्त निगरानी तुरंत हो।

🛑 प्रशासन मौन, ट्रांसपोर्टर बेलगाम?

जनता का सीधा आरोप—

> “जिन्हें निगरानी करनी चाहिए, वही आंख मूंदे बैठे हैं”

⚡ अल्टीमेटम: अब नहीं सुधरे हालात तो होगा उग्र आंदोलन

उस्मान बेग ने साफ चेतावनी दी—
👉 पहले घेराव
👉 फिर चरणबद्ध आंदोलन
👉 और जरूरत पड़ी तो साइडिंग का काम बंद

🧭 अब नजर प्रशासन पर

मुद्दा गंभीर है, गुस्सा असली है, और जनता लंबे समय से परेशान।
अब देखना यह है—कार्रवाई होगी या फिर यही अव्यवस्था “नया सामान्य” बन जाएगी?

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