September 23, 2026

प्रेम, धोखा और मौत : अधिवक्ता की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, विवाहित प्रेमी निकला कातिल

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🚨 कटेल टिकरा जंगल में मिली महिला की लाश का राज खुला, सीसीटीवी और बाइक नंबर से आरोपी तक पहुंची पुलिस

🚨 शादी का दबाव बना हत्या की वजह, वारदात के बाद मृतिका बनकर करता रहा फोन पर बातें

📍 रायगढ़ | रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कटेल टिकरा जंगल में मिली महिला की लाश के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले ने प्रेम, विश्वासघात और हत्या की ऐसी कहानी सामने लाई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। हत्या का आरोपी कोई और नहीं बल्कि मृतिका का प्रेमी निकला, जिसने शादी के दबाव से परेशान होकर बेहद सुनियोजित तरीके से इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतिका की पहचान अधिवक्ता आराधना सिदार (31 वर्ष), निवासी ग्राम केकराझरिया, लैलूंगा के रूप में हुई है। हत्या के आरोप में लोकनाथ पटेल (30 वर्ष), निवासी ग्राम चारपारा, थाना सक्ती, जिला सक्ती को गिरफ्तार किया गया है।

जंगल में मिली थी अज्ञात महिला की लाश, फैली थी सनसनी

घटना की शुरुआत 12 मई को हुई, जब थाना पूंजीपथरा पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम पूंजीपथरा के कटेल टिकरा जंगल के भीतर सरकारी भूमि पर एक अज्ञात महिला का शव पड़ा हुआ है। जंगल में लकड़ी लेने गए ग्राम कोटवार अयोध्या प्रसाद माझी ने शव देखा और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी अनिल सोनी, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, थाना प्रभारी रामकिंकर यादव, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल की स्थिति देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को सुरक्षित रखवाया और पहचान के प्रयास शुरू किए।

इस मामले में थाना पूंजीपथरा में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 108/2026 धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

गुमशुदगी रिपोर्ट और बरामद सामान से मिला पहला सुराग

जांच के दौरान पुलिस को थाना चक्रधरनगर में दर्ज एक गुमशुदगी रिपोर्ट से महत्वपूर्ण जानकारी मिली। घटनास्थल से बरामद कपड़े, सैंडल और अन्य सामान मृतिका के परिजनों को दिखाए गए, जिनसे उसकी पहचान आराधना सिदार के रूप में हुई।

पहचान होने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसी दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण फुटेज मिली, जिसमें एक युवक बाइक पर महिला को अपने साथ ले जाता दिखाई दिया।

यही फुटेज जांच की सबसे बड़ी कड़ी बनी। बाइक नंबर के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और सक्ती निवासी लोकनाथ पटेल को हिरासत में लिया गया।

दो साल का प्रेम संबंध, फिर शुरू हुआ विवाद

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका मृतिका के साथ लगभग दो वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच लगातार संपर्क था, लेकिन एक बड़ी सच्चाई यह थी कि आरोपी पहले से विवाहित था।

समय बीतने के साथ मृतिका लगातार आरोपी पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होने लगा। आरोपी शादी नहीं करना चाहता था और धीरे-धीरे उसने मृतिका को रास्ते से हटाने की योजना बनानी शुरू कर दी।

मंदिर, लॉज और फिर मौत की साजिश

आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने 9 मई की रात आराधना से बातचीत कर अगले दिन मिलने का प्लान बनाया। 10 मई को वह मोटरसाइकिल से मृतिका को अपने साथ लेकर पहले सक्ती और दमाऊधारा मंदिर गया।

शाम होने पर दोनों सक्ती स्थित एक लॉज में रुके, जहां आरोपी ने फर्जी नाम और पहचान के आधार पर कमरा लिया। इसी दौरान दोनों के बीच शादी को लेकर विवाद हुआ और आरोपी ने उसी रात हत्या की योजना बना ली।

अगले दिन सुबह आरोपी आराधना को सुनसान जंगल क्षेत्र की ओर ले गया। वहां मौका पाकर पहले उसने गला दबाकर उसे बेहोश किया और फिर पत्थर तथा धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद बचने के लिए रचा नया खेल

हत्या करने के बाद आरोपी ने घटनास्थल से सबूत मिटाने का प्रयास किया। लेकिन इतना ही नहीं, उसने शक से बचने के लिए मृतिका का मोबाइल फोन अपने पास रखा और उसकी बहन व सहेलियों से महिला की आवाज निकालकर फोन पर बातचीत भी करता रहा, ताकि किसी को उसकी मौत का संदेह न हो।

हालांकि पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार पूछताछ के सामने आरोपी की चाल ज्यादा देर तक नहीं चल सकी।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मृतिका का मोबाइल फोन, घटना के समय पहने गए कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

इन पुलिस अधिकारियों ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में इस मामले का खुलासा किया गया।

कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, एएसआई उमाशंकर विश्वाल एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

👉🏻 एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा:

“रायगढ़ पुलिस हर गंभीर अपराध की तह तक जाकर वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के माध्यम से अपराधियों तक पहुंच रही है। कानून से बचने की कोशिश करने वाले अपराधियों के लिए जिले में कोई स्थान नहीं है।”

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