September 23, 2026

7 से 11 जुलाई तक प्रदेशभर में कर्मचारी आंदोलन की हुंकार, सांसद-विधायकों को सौंपा जाएगा 6 सूत्रीय ज्ञापन

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घरघोड़ा/रायगढ़। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान कर दिया है। संघ के प्रदेश प्रबंधकारिणी के निर्णय के अनुसार 7 से 11 जुलाई 2026 के बीच प्रदेशभर में सांसदों एवं विधायकों के माध्यम से 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। रायगढ़ जिले सहित सभी विकासखंडों में कर्मचारी संगठनों द्वारा जनप्रतिनिधियों के निवास अथवा उनके प्रवास के दौरान ज्ञापन देकर शासन का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।

संघ के जिला शाखा अध्यक्ष एवं प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष कुमार पाण्डेय ने बताया कि 10 जून को जिला एवं विकासखंड मुख्यालयों में ध्यानाकर्षण ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय या घोषणा नहीं की गई है। इसी के विरोध में आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत की जा रही है।

इस आंदोलन में छत्तीसगढ़ प्रदेश कृषि विभाग शासकीय कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य संयोजक संघ, आईटीआई कर्मचारी अधिकारी संघ, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ, निःशक्त कर्मचारी अधिकारी संघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी पेंशनर एसोसिएशन सहित कई कर्मचारी संगठन संयुक्त रूप से शामिल होंगे।

कर्मचारियों की प्रमुख 6 मांगें

– 1 जनवरी 2026 से लंबित 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता तत्काल स्वीकृत किया जाए।
– प्रदेश के कर्मचारियों के लिए घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा का आदेश तत्काल जारी किया जाए।
– सेवानिवृत्ति पर 240 दिन के स्थान पर 300 दिन का अवकाश नगदीकरण लागू किया जाए।
– संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित कर सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए।
– शिक्षक एलबी संवर्ग की सेवा की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से करते हुए सभी सेवा लाभ दिए जाएं।
– अनुकंपा नियुक्ति में लागू 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त कर सभी पात्र आश्रितों को नियुक्ति दी जाए।

रायगढ़ जिले में यह अभियान शेख कलीमुल्लाह, संतोष कुमार पाण्डेय, केशव पटेल, संजीव शेट्टी, एल.बी.एस. जाटवर, आशीष शर्मा, नरेंद्र पर्वत, रोहित डनसेना, विकास तिवारी सहित जिले के अनेक पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के नेतृत्व में चलाया जाएगा।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि इस बार भी शासन ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदेशभर के लाखों अधिकारी-कर्मचारियों की निगाहें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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