September 23, 2026

जम्मू तक पहुंची पुसौर पुलिस, 16 वर्षीय नाबालिग को सकुशल वापस लाया

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“अभियान संवेदना” में बड़ी सफलता: आरोपी के घर दबिश देकर बालिका बरामद, 22 वर्षीय युवक गिरफ्तार

रायगढ़। गुम नाबालिग बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत पुसौर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। जम्मू में तलाश के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि नाबालिग बालिका और संदेही युवक वापस छत्तीसगढ़ लौट आए हैं। इसके बाद पुलिस ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में आरोपी के ठिकाने पर दबिश देकर 16 वर्षीय गुम बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया। मामले में 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, 18 फरवरी 2026 को 16 वर्षीय बालिका अपने घर से बिना बताए चली गई थी। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बाद भी सुराग नहीं मिलने पर 22 फरवरी को थाना पुसौर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 40/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

🔥 जम्मू तक पहुंची पुलिस, फिर बदला पूरा ऑपरेशन

विवेचना के दौरान पुलिस ने परिजनों और बालिका की सहेलियों से पूछताछ की। प्राप्त जानकारी के आधार पर बालिका के एक युवक के साथ जम्मू में होने की सूचना मिली। इसके बाद उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर के नेतृत्व में पुसौर पुलिस की टीम जम्मू रवाना हुई।

इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि बालिका और संदेही युवक जम्मू से वापस सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र में लौट आए हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम और बालिका के परिजन तत्काल रवाना हुए। टीम ने आरोपी के ठिकाने पर दबिश देकर नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया।

⚠️ शादी का झांसा देकर ले जाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष बालिका का कथन कराया गया। कथन एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी द्वारा शादी का प्रलोभन देकर बालिका को अपने साथ ले जाने और उसका शारीरिक शोषण करने की बात सामने आई। इसके बाद प्रकरण में धारा 64(2)(एम) बीएनएस एवं धारा 6 पॉक्सो एक्ट जोड़ी गई।

पुलिस ने आरोपी आयुष केंवट पिता सीता शरण केंवट, उम्र 22 वर्ष, निवासी थाना बिलाईगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

👮‍♂️ इनकी रही अहम भूमिका

बालिका की पतासाजी और सकुशल दस्तयाबी में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक दिव्या बंजारे, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता, प्रधान आरक्षक बसंत पाण्डेय एवं आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

🚨 SSP का सख्त संदेश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गुमशुदा बच्चों की सकुशल वापसी रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नाबालिगों को बहला-फुसलाकर ले जाने और उनके विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस की कठोर कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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