October 19, 2026

मैदानी अमले की सुस्ती पर कलेक्टर सख्त, बोले—गिरदावरी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं!

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दीपावली से पहले पटाखा दुकानों की होगी कड़ी जांच, बिना लाइसेंस कारोबार पर कार्रवाई के निर्देश

सीएम घोषणा, भू-अर्जन, न्यायालयीन प्रकरण और पेंशन मामलों की भी कलेक्टर ने ली समीक्षा

रायगढ़। जिला प्रशासन की समय-सीमा बैठक में सोमवार को कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने विभागीय कामकाज की रफ्तार को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। आमजन से सीधे जुड़े मामलों में देरी पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मैदानी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने गिरदावरी, खसरा सत्यापन, डीसीएस सर्वे, पटाखा दुकानों की सुरक्षा, कृषि विभाग की प्रगति, मुख्यमंत्री घोषणा के कार्यों, न्यायालयीन प्रकरणों, भू-अर्जन एवं मुआवजा मामलों तथा पेंशन प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की।

गिरदावरी में लापरवाही नहीं, एसडीएम खुद उतरें मैदान में

खसरा सत्यापन एवं गिरदावरी कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को शत-प्रतिशत गिरदावरी पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कार्यालय से रिपोर्ट लेने के बजाय एसडीएम स्वयं मैदानी क्षेत्रों में जाकर प्रगति की निगरानी करें।

डीसीएस सर्वे को भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने मैदानी अमले के साथ बेहतर कार्ययोजना बनाकर लंबित कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।

पटाखा दुकानों पर प्रशासन की पैनी नजर, बिना लाइसेंस बिक्री पर कार्रवाई

दीपावली को देखते हुए पटाखा दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस संचालित पटाखा दुकानों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

सघन बाजार एवं भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखा दुकानों के संचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं लाइसेंस जारी करने से पहले विक्रय केंद्र और भंडारण स्थल का भौतिक सत्यापन कर सुरक्षा मानकों की जांच अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए।

कृषि विभाग की धीमी रफ्तार पर नाराजगी

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान बकेट क्लेम रिपोर्ट की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने डीडीए को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समय-सीमा में प्रगति सुनिश्चित करने तथा कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

सीएम घोषणा के अधूरे कामों पर भी कसा शिकंजा

मुख्यमंत्री घोषणा से जुड़े कार्यों की समीक्षा में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वीकृति और राशि जारी होने के बाद भी यदि कार्य जमीन पर शुरू नहीं होते हैं तो संबंधित अधिकारियों को इसकी समीक्षा करनी होगी।

उन्होंने जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ को ऐसे कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर नियमानुसार निरस्तीकरण अथवा आगे की कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

भू-अर्जन और मुआवजा मामलों में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में न्यायालयीन लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

केलो परियोजना के अंतर्गत भू-अर्जन एवं मुआवजा प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

पेंशन मामलों में देरी पर भी प्रशासन गंभीर

सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े पेंशन प्रकरणों को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने कहा। उन्होंने विभाग प्रमुखों एवं आहरण-संवितरण अधिकारियों को लंबित पेंशन मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर का दो टूक संदेश—योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों से कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव, गरीब और आमजन तक शत-प्रतिशत पहुंचना चाहिए। मैदानी स्तर पर योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और पात्र हितग्राहियों को लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम, शिल्पा भगत सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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