October 19, 2026

डीएमएफ के कामों में गड़बड़ी मिली तो सीधे कार्रवाई!

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कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी का सख्त फरमान—गुणवत्ता से समझौता नहीं, हर सप्ताह होगी डीएमएफ कार्यों की निगरानी

🔥 अप्रारंभ कामों पर अफसरों को फटकार, इंजीनियरों को फील्ड में उतरने के निर्देश; काम शुरू होते ही लगेगा सूचना बोर्ड

रायगढ़। जिला खनिज न्यास (DMF) के करोड़ों रुपये के विकास कार्यों को लेकर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने सख्त रुख अपनाया है। डीएमएफ प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यों में अनियमितता या लापरवाही सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने वर्ष 2026-27 सहित पूर्व वर्षों में स्वीकृत डीएमएफ कार्यों की विभागवार, जनपद पंचायतवार और नगरीय निकायवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से अप्रारंभ, प्रारंभ, प्रगतिरत और पूर्ण कार्यों की स्थिति, टेंडर प्रक्रिया, कार्यादेश, उपयोगिता प्रमाण-पत्र और पूर्णता प्रमाण-पत्र की जानकारी ली।

🚨 फाइलों में नहीं, मौके पर दिखना चाहिए डीएमएफ का काम

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों की नियमित निगरानी और स्थल निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी इंजीनियरों को समय-समय पर फील्ड विजिट करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण में कमी मिलने पर उसे तत्काल सुधारा जाए।

बारिश का मौसम लगभग समाप्त होने का हवाला देते हुए उन्होंने अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू कराने और कार्यशील मौसम का प्रभावी उपयोग करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि डीएमएफ कार्यों की प्रगति अब हर सप्ताह खंगाली जाएगी। यानी लापरवाही करने वाले अधिकारियों के लिए अब जवाबदेही तय रहेगी।

⚠️ शिक्षा और स्वास्थ्य के कामों पर विशेष निगरानी

बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वीकृत मरम्मत एवं निर्माण कार्यों को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में मजबूती और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि सरकारी राशि का वास्तविक लाभ जनता को मिल सके।

📢 काम शुरू होते ही लगेगा बोर्ड, जनता देख सकेगी पूरी जानकारी

डीएमएफ कार्यों में पारदर्शिता को लेकर कलेक्टर ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम शुरू होते ही स्थल पर सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।

बोर्ड पर कार्य का विवरण और स्वीकृत राशि सहित आवश्यक जानकारी प्रदर्शित की जाए। कार्य पूर्ण होने के बाद भी आवश्यक विवरण के साथ सूचना बोर्ड लगाया जाए, ताकि जनता को पता रहे कि कौन-सा काम, कितनी राशि से और किस विभाग द्वारा कराया जा रहा है।

🚨 तमनार जनपद CEO को कारण बताओ नोटिस

बैठक में जनपद पंचायत तमनार के सीईओ द्वारा डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्य में अपेक्षित रुचि नहीं लिए जाने का मामला सामने आया। इस पर कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि डीएमएफ के कामों में अब केवल स्वीकृति और कागजी प्रगति पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि मैदानी स्तर पर काम की रफ्तार और गुणवत्ता भी देखी जाएगी।

📊 2026-27 में 200 से अधिक डीएमएफ कार्य स्वीकृत

वित्तीय वर्ष 2026-27 में 200 से अधिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें लोक निर्माण विभाग के 4, सीजीएमएससी के 59, जिला पंचायत का 1, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के 16, लैलूंगा के 26, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 29, छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के 15, घरघोड़ा के 17, ग्रामीण निर्माण मंडल के 16, तमनार के 9, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायगढ़ के 6 तथा आदिवासी विकास विभाग के 6 कार्य शामिल हैं।

इनमें कई कार्य प्रगतिरत हैं, जबकि कुछ की टेंडर प्रक्रिया जारी है और कई के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।

🔥 अब डीएमएफ पर “रियल टाइम” निगरानी

बैठक में डीएमएफ परियोजनाओं की निगरानी के लिए रियल टाइम क्यूआर सोशल ऑडिट प्रणाली के क्रियान्वयन संबंधी प्रशिक्षण भी दिया गया। इससे डीएमएफ कार्यों की जानकारी और निगरानी व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

कलेक्टर ने महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए, ताकि डीएमएफ की राशि का लाभ कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर आम नागरिकों तक पहुंचे।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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