September 23, 2026

पत्रकारिता पर हमला : रायगढ़ में माफिया तत्वों के हत्या की धमकियों से दहशत, मजदूर नेता पिंटू सिंह के खिलाफ पत्रकारों का गुस्सा फूटा – सोमवार को एसपी कार्यालय में प्रदर्शन…

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रायगढ़। प्रदेश में अब पत्रकारों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। स्थानीय माफिया और दबंग प्रवृत्ति के लोगों द्वारा पत्रकारों को धमकाने, झूठे आरोप लगाकर फंसाने और भय पैदा करने की घटनाएँ अब आम हो चुकी हैं। सच्चाई दिखाना अब पत्रकारों के लिए जोखिम भरा काम बन गया है।

इसी कड़ी में रायगढ़ के चार जमीनी पत्रकार – अमित पांडे, राजा खान, प्रशांत तिवारी और अन्य साथी – को तथाकथित मजदूर नेता पिंटू सिंह, पिता श्री रामेश्वर सिंह, निवासी कोतरा रोड रेलवे फाटक के पास, ने वीडियो संदेश जारी कर जान से मारने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। इस घटना के बाद शहर के पत्रकारों में तीव्र आक्रोश व्याप्त है।

पत्रकारों का ऐलान – “अब खामोशी नहीं, कार्रवाई चाहिए” : पत्रकारों ने इस मामले को लेकर एकजुट होकर निर्णय लिया है कि सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 को दोपहर 1 बजे वे सामूहिक रूप से पुलिस अधीक्षक रायगढ़ के कार्यालय पहुँचकर लिखित शिकायत सौंपेंगे और आरोपी मजदूर नेता के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग करेंगे।
पत्रकारों का कहना है कि “यह सिर्फ चार पत्रकारों पर हमला नहीं, बल्कि पूरी पत्रकारिता पर प्रहार है।”

गुंडा प्रवृत्ति का प्रतीक बन चुका है पिंटू सिंह : शहर के व्यापारी, कारोबारी, ट्रांसपोर्ट संचालक, सरकारी कर्मचारी से लेकर मजदूर संगठन – सभी इस तथाकथित मजदूर नेता की हरकतों से परेशान हैं।
उसकी गुंडागर्दी और दबंगई से तंग आकर कई राजनीतिक दलों और मजदूर संगठनों ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिंटू सिंह अक्सर सड़क हादसों और औद्योगिक दुर्घटनाओं को मुद्दा बनाकर शासकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है, जिससे शहर की कानून व्यवस्था और शांति बार-बार प्रभावित होती है।

थाने में हंगामा, पत्रकारों से रंजिश की शुरुआत : हाल ही में दिनदयाल अपार्टमेंट, रामपुर निवासी एक महिला के घर में कुछ गुंडा तत्वों ने घुसकर मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
घटना की कवरेज के लिए जब कुछ पत्रकार साथी सिटी कोतवाली थाने पहुँचे, उसी दौरान पिंटू सिंह भी आरोपियों की पैरवी करने पहुँचा और थाने में पुलिस कर्मियों से अभद्रता करने लगा।थाना प्रभारी द्वारा फटकार लगाए जाने के बाद उसे थाने से बाहर निकाल दिया गया।

जब पत्रकारों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने समाचार में प्रकाशित किया, तो पिंटू सिंह बौखला गया और तभी से पत्रकारों को लगातार जान से मारने और “अंजाम भुगतने” की धमकियाँ देने लगा।

पत्रकारों की चेतावनी – “अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा” : पत्रकारों ने स्पष्ट कहा है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत धमकी का नहीं, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो पत्रकार समुदाय राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगा।

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