धान खरीदी योजना में लापरवाही पर कमरगा हल्का पटवारी निलंबित
लैलूंगा एसडीएम की कार्रवाई, ग्राम कमरगा के पटवारी पर कदाचार का आरोप
रायगढ़। राज्य शासन की प्राथमिकता वाली धान खरीदी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में लापरवाही बरतना ग्राम कमरगा के हल्का पटवारी को भारी पड़ गया। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर लैलूंगा एसडीएम द्वारा ग्राम कमरगा के हल्का पटवारी जितेन्द्र भगत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील मुख्यालय लैलूंगा में संलग्न किया गया है तथा इस अवधि में उन्हें मूलभूत नियम 53 के अंतर्गत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक समितियों एवं उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से पंजीकृत किसानों से धान खरीदी की जा रही है। इसके लिए सभी संबंधित पटवारियों एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को किसानों के धान उत्पादन का भौतिक सत्यापन करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
इसी क्रम में 22 दिसम्बर 2025 को ग्राम कमरगा के हल्का पटवारी जितेन्द्र भगत से धान सत्यापन के संबंध में जानकारी मांगी गई, परंतु वे संतोषजनक जानकारी प्रस्तुत नहीं कर सके। उनके द्वारा मात्र तीन किसानों के पंचनामा प्रस्तुत किए गए, जिनमें केवल किसानों का नाम और हस्ताक्षर अंकित थे, जबकि आवश्यक विवरण एवं सत्यापन से संबंधित कोई जानकारी दर्ज नहीं थी। अतिरिक्त जानकारी पूछे जाने पर भी उनके द्वारा किसी प्रकार का संतोषप्रद उत्तर नहीं दिया गया।
प्रकरण की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित पटवारी द्वारा शासन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के पालन में गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता बरती गई है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1966 के नियम 03 के विपरीत होकर कदाचार की श्रेणी में आता है। परिणामस्वरूप जितेन्द्र भगत को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनके हल्के का प्रभार केशव प्रसाद पैकरा को सौंपा गया है।
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