September 23, 2026

विशेष रिपोर्ट पत्थलगांव : जशपुर में मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ को चुनौती, तरेकेला पंचायत में भ्रष्टाचार का ‘महाजाल’!…

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जशपुर। छत्तीसगढ़ शासन की भ्रष्टाचार विरोधी नीति और माननीय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी (जशपुर) की कड़ी कार्यप्रणाली के बीच, जनपद पंचायत पत्थलगांव की ग्राम पंचायत तरेकेला से भ्रष्टाचार का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने समूचे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। सजग ग्रामीणों और निर्वाचित वार्ड पंचों ने सीधे कलेक्टर कार्यालय की चौखट पर दस्तक देकर सरपंच और सचिव के विरुद्ध शासकीय निधि के वृहद गबन और तकनीकी जालसाजी का कच्चा-चिट्ठा खोला है।

‘डबल बिलिंग’ का खेल : पुरानी सड़क को बना दिया ‘नया’ – भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी परत ग्राम बसंतपुर में खुली है। आरोप है कि पंचायत के जिम्मेदारों ने पूर्व में निर्मित सड़क को कागजों पर ‘नवीन कार्य’ (कार्य आई डी – 125125334) के रूप में प्रदर्शित किया और शासकीय राशि का आहरण कर लिया। ग्रामीणों ने इसे स्पष्ट रूप से सरकारी धन का निजी लाभ के लिए गबन करार दिया है。

साक्ष्य मिटाने के लिए ‘मिडनाइट ऑपरेशन’ – मामला तब और अधिक गंभीर हो गया जब पुराने नलकूपों (कार्य आई डी – 125125067 एवं 125124949) के नाम पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। शिकायत के अनुसार, सरपंच-सचिव ने पुराने नलकूपों की फोटो पोर्टल पर अपलोड कर पैसे निकाल लिए थे। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और जांच का डर सताया, तो सरपंच-सचिव ने साक्ष्य मिटाने के लिए मध्य रात्रि में मशीनों द्वारा नए बोरवेल खुदवा दिए। इस ‘आधी रात वाली जादुई बोरिंग’ की चर्चा पूरे जिले में है।

मेरी पंचायत’ एप्प और ई-ग्राम स्वराज पर तकनीकी जालसाजी – डिजिटल इंडिया के दौर में भ्रष्टाचार का तरीका भी डिजिटल हो गया है। शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर महोदय को बताया कि ‘मेरी पंचायत’ एप्प और ‘ई-ग्राम स्वराज’ पोर्टल पर कार्यों की फर्जी जियो-टैगिंग की गई है। पुराने कार्यों को नया बताकर डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज करना तकनीकी कूट-रचना का गंभीर मामला है।

4 इंच की सड़क और फर्जी सामग्री क्रय : ​वर्तमान में पंचायत में दो स्थानों पर सीसी रोड का निर्माण चल रहा है, जहाँ गुणवत्ता के मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। धरातल पर मात्र 4 इंच की सड़क बनाई जा रही है और न ही कहीं सूचना पटल लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, नाली निर्माण (Work ID- 46958707) के नाम पर वेंडरों के साथ सांठगांठ कर फर्जी बिलों के माध्यम से राशि निकाली जा रही है, जबकि कार्य बहुत पहले ही पूरा हो चुका है।

“कैश बुक दिखाने का अधिकार नहीं” : तानाशाही का चरम – जब जागरूक ग्रामीणों और वार्ड पंचों ने पंचायत के आय-व्यय का विवरण मांगा, तो सरपंच ने व्हाट्सएप ग्रुप में यह कहकर दुर्व्यवहार किया कि- “तुमको कैश बुक दिखाने का अधिकार नहीं है”। जनप्रतिनिधियों पर अनुचित दबाव बनाकर उनकी आवाज को दबाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

कलेक्टर से निर्णायक कार्यवाही की मांग : ग्रामीणों ने कलेक्टर जशपुर (टोकन नम्बर : TL2025122214482312) से निम्नलिखित कठोर कदमों की मांग की है:

  • ​संबंधित बैंक खातों का विशेष ऑडिट (Special Audit) सुनिश्चित हो।
  • ​स्वतंत्र टीम द्वारा स्थल का भौतिक सत्यापन कराया जाए।
  • ​दोषी सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध FIR दर्ज कर उन्हें तत्काल पदमुक्त किया जाए और गबन की गई राशि की शत-प्रतिशत वसूली हो।

इस मामले में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत 2019-20 से अब तक के समस्त निर्माण कार्यों, बैंक ट्रांजेक्शन और मस्टर रोल की प्रमाणित प्रतियों की भी मांग की है। अब देखना यह है कि कलेक्टर कार्यालय इस संगठित भ्रष्टाचार पर कब प्रहार करता है।

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