January 26, 2026

अवैध खनन पर जिले में सख्ती, पर घरघोड़ा बना ‘सेफ ज़ोन’!

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31 वाहन जप्त, घरघोड़ा क्षेत्र में कार्रवाई शून्य क्यों??

रायगढ़/कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले भर में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा सघन अभियान चलाया गया। एक सप्ताह चले इस अभियान में खनिज विभाग ने रेत, चूनापत्थर और बोल्डर के अवैध परिवहन में संलिप्त कुल 31 वाहनों को जप्त कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
खनिज विभाग की टीम ने अवैध परिवहन के मामलों में 27 ट्रैक्टर एवं 1 हाईवा रेत, 2 हाईवा निम्न श्रेणी चूनापत्थर तथा 1 ट्रैक्टर बोल्डर जप्त कर कलेक्ट्रेट परिसर, थाना खरसिया एवं रैरूमाचौकी में सुरक्षार्थ खड़े कराए हैं।
इसी क्रम में 02 जनवरी की रात ग्राम पंचायत संबलपुरी, तहसील रायगढ़ में आकस्मिक जांच के दौरान जेसीबी एवं तीन टिपर वाहनों से मुरूम का अवैध उत्खनन एवं परिवहन पकड़ा गया। वाहन चालकों के कथन अनुसार यह कार्य रायगढ़ निवासी हरिओम अग्रवाल द्वारा कराया जा रहा था। मामले में संलिप्त सभी वाहनों को जप्त कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
जिला खनिज अधिकारी रामाकांत सोनी ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 एवं खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 व 23(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आगे भी सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
लेकिन बड़ा सवाल — घरघोड़ा में चुप्पी क्यों?
जहाँ एक ओर जिले के अन्य क्षेत्रों में खनिज विभाग की सक्रियता दिखाई दे रही है, वहीं घरघोड़ा क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन की लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में खुलेआम अवैध उत्खनन जारी है, परंतु खनिज अमले की नजर घरघोड़ा पर नहीं पड़ रही।
अब देखना होगा कि क्या प्रशासन घरघोड़ा को भी कार्रवाई के दायरे में लाता है या यह क्षेत्र यूँ ही अवैध खनन के लिए सुरक्षित बना रहेगा।