ऑन-ड्यूटी वनकर्मियों से मारपीट पर घरघोड़ा पुलिस का कड़ा प्रहार — 5 आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल
🔴 जमानत पर छूटे आरोपियों ने वनपाल से की मारपीट, सरकारी कार्य में डाली बाधा
🔴 अवैध कटाई को लेकर विवाद करने वाले 3 व्यक्तियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
🔴 एसएसपी शशि मोहन सिंह का दो टूक संदेश — “गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं, हर घटना पर होगी त्वरित कार्रवाई”
रायगढ़।जिले में शांति व्यवस्था को भंग करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देश पर घरघोड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑन-ड्यूटी वनकर्मियों से मारपीट एवं विवाद के दो अलग-अलग मामलों में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में गुंडागर्दी, शासकीय सेवकों से मारपीट अथवा लोकशांति भंग करने की किसी भी कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
🔴 ऑन-ड्यूटी वनपाल से झड़प, 2 आरोपी गिरफ्तार
पहले प्रकरण में दिनांक 4 फरवरी 2026 को प्रार्थी गोपी सिंह राठिया, वन परिक्षेत्र तमनार अंतर्गत केराखोल पश्चिम में पदस्थ वनपाल, द्वारा थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 3 फरवरी 2026 को लैंड बैंक सर्वे के दौरान आरोपी बीरसिंह मांझी एवं जयकुमार मांझी मौके पर पहुंचे।
आरोपियों ने पूर्व वन अपराध प्रकरण में जेल भेजे जाने की बात को लेकर आक्रोशित होकर शासकीय कार्य में बाधा डाली, गाली-गलौज की तथा जान से मारने की धमकी देते हुए डंडे से मारपीट करने दौड़ पड़े।
प्रकरण में थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 40/2026 अंतर्गत धारा 132, 221, 296, 351(3), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को ग्राम केराखोल से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
उल्लेखनीय है कि दोनों आरोपी पूर्व में भी वन विभाग के अपराध प्रकरण में गिरफ्तार होकर जेल जा चुके थे तथा हाल ही में जमानत पर रिहा हुए थे।
🔴 अवैध कटाई पर विवाद, 3 व्यक्तियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
दूसरे मामले में थाना घरघोड़ा पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान ग्राम खोखरोआमा क्षेत्र में निजी भूमि पर प्रतिबंधित वृक्ष प्रजाति की अवैध कटाई-छिलाई की सूचना पर मौके पर पहुंची।
पूछताछ के दौरान प्रेमचंद राजपूत, संतोष कुमार राजपूत एवं राजेश राजपूत आक्रोशित होकर लोकशांति भंग करने का प्रयास करने लगे। पुलिस द्वारा समझाइश दिए जाने के बावजूद स्थिति नियंत्रित नहीं होने पर तीनों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत गिरफ्तारी की गई।
क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु आरोपियों के विरुद्ध पृथक से धारा 126, 135(3) बी.एन.एस.एस. का इस्तगासा तैयार कर एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर तीनों को जेल भेजा गया।
🔴 एसएसपी शशि मोहन सिंह का स्पष्ट संदेश
“जिले में कहीं भी गुंडागर्दी, शासकीय सेवकों से मारपीट या लोकशांति भंग करने की घटना सामने आती है तो पुलिस तत्काल सख्त कार्रवाई करेगी। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
