March 1, 2026

खाकी का मानवीय चेहरा — एडिशनल एसपी अनिल सोनी ने 2 वर्षीय मासूम को सुरक्षित मां से मिलाया

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रायगढ़।रायगढ़ में आज खाकी वर्दी का संवेदनशील और मानवीय स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी ने अपनी सतर्कता और संवेदनशीलता से मुख्य सड़क पर भटक रहे एक 2 वर्षीय मासूम की जान बचाकर उसे सुरक्षित उसकी मां की गोद तक पहुंचाया।

दोपहर लगभग 3 बजे एडिशनल एसपी सोनी शहर भ्रमण के दौरान कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान सीएमओ तिराहा के आगे भगवानपुर के पास मुख्य मार्ग पर उनकी नजर एक छोटे बच्चे पर पड़ी, जो अपनी टॉय कार के साथ सड़क के बीचों-बीच खेल रहा था। दोनों ओर से तेज रफ्तार भारी वाहन गुजर रहे थे और मासूम की जान को गंभीर खतरा बना हुआ था।

स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए एडिशनल एसपी ने तत्काल वाहन रुकवाया और स्वयं उतरकर बच्चे को सुरक्षित अपनी गोद में उठा लिया। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन तत्काल परिजनों का पता नहीं चल सका। बालक अभी ठीक से बोल पाने की स्थिति में भी नहीं था।

एडिशनल एसपी ने बच्चे को शांत रखने के लिए पास की दुकान से चॉकलेट और बिस्किट दिलाए तथा स्नेहपूर्वक बातचीत कर उसके घर के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया। कुछ देर बाद मासूम ने इशारों से दिशा बताई। इस दौरान स्थानीय युवक शिवम और भोला पासवान ने भी परिजनों की तलाश में सहयोग किया।

इशारों के आधार पर एडिशनल एसपी स्वयं बच्चे को गोद में लेकर करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलते हुए भरतपुर मोहल्ले पहुंचे। वहां पहुंचते ही बच्चे ने अपनी मां को देखते ही पुकारा। तब उसकी पहचान “शौर्य” के रूप में हुई।

मां ने बताया कि वह काफी समय से अपने बेटे की तलाश में परेशान होकर इधर-उधर ढूंढ रही थी। बेटे को सकुशल सामने देखकर उसने राहत की सांस ली और एडिशनल एसपी का भावुक होकर आभार जताया।

इस मौके पर एडिशनल एसपी ने महिला को समझाइश दी कि छोटे बच्चों को कभी भी अकेला सड़क के पास न छोड़ें और उनकी विशेष निगरानी रखें। इसके बाद उन्होंने शौर्य के सिर पर स्नेहपूर्वक हाथ फेरकर उसे सुरक्षित मां के सुपुर्द किया और अपनी ड्यूटी के लिए रवाना हुए।

✨ यह घटना न केवल रायगढ़ पुलिस की सजगता और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि खाकी वर्दी कानून व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए भी सदैव तत्पर रहती है।