June 13, 2026

“सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ा भारी!” : रायगढ़ के 5 उद्योगों पर प्रशासन का बड़ा डंडा, श्रम न्यायालय ने ठोका ₹5.25 लाख का जुर्माना

IMG-20260603-WA0001.jpg

औद्योगिक दुर्घटनाओं के बाद खुली लापरवाही की पोल, सुरक्षा नियम तोड़ने वाले कारखानों पर कानूनी कार्रवाई

रायगढ़। औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले पांच उद्योगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। औद्योगिक दुर्घटनाओं की जांच में सुरक्षा मानकों और वैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन सामने आने के बाद श्रम न्यायालय रायगढ़ ने संबंधित कारखाना संचालकों और प्रबंधकों पर कुल 5 लाख 25 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया है।

जिले में हुई विभिन्न औद्योगिक दुर्घटनाओं के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण में कई प्रतिष्ठानों में श्रमिक सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही उजागर हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर कारखाना अधिनियम 1948 एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 के तहत न्यायालय में आपराधिक प्रकरण प्रस्तुत किए गए थे, जिन पर सुनवाई के बाद दोषी प्रतिष्ठानों को दंडित किया गया।

⚠️ किन उद्योगों पर गिरी कार्रवाई की गाज?

श्रम न्यायालय के आदेश के अनुसार—

🔹 मेसर्स मां मंगला इस्पात प्राइवेट लिमिटेड, नटवरपुर के अधिभोगी हर्षवर्धन गर्ग पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए ₹1 लाख का अर्थदण्ड लगाया गया।

🔹 मेसर्स गुरूश्री इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, देलारी के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक मुकेश बंसल को भी ₹1 लाख के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।

🔹 मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, सराईपाली के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक प्रकाश बेहरा पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया।

🔹 मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, तराईमाल के अधिभोगी विनय कुमार शर्मा तथा कारखाना प्रबंधक जी.के. मिश्रा को अलग-अलग ₹1-1 लाख के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।

🔹 मेसर्स सावित्री राइस मिल, सहदेवपाली के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक सूर्यकांत अग्रवाल पर भी ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया।

🔍 दुर्घटनाओं के बाद हुई जांच में सामने आईं खामियां

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की जांच में पाया गया कि कई प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरण, सुरक्षा उपाय और कानूनी प्रावधानों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा था। यही लापरवाही औद्योगिक दुर्घटनाओं का कारण बनी, जिसके बाद विभाग ने कड़ी कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया।

📢 “श्रमिक सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं”

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के उप संचालक राहुल पटेल ने स्पष्ट कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जहां भी सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने बताया कि श्रम न्यायालय द्वारा सुनाए गए इन फैसलों में कुल ₹5.25 लाख का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है। साथ ही जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को कार्यस्थल सुरक्षा मानकों, श्रमिक सुरक्षा प्रावधानों और वैधानिक नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

🚨 संदेश साफ: सुरक्षा नियम तोड़ेंगे तो कार्रवाई तय

रायगढ़ प्रशासन की इस कार्रवाई को औद्योगिक क्षेत्र के लिए स्पष्ट चेतावनी माना जा रहा है कि श्रमिकों की जान से खिलवाड़ और सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब महंगी पड़ सकती है। आने वाले समय में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर और भी सख्त कार्रवाई होने के संकेत दिए गए हैं।