June 13, 2026

“ब्रांडेड शराब के नाम पर मौत का कारोबार!”

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रायगढ़ में नकली शराब फैक्ट्री पर ‘ऑपरेशन आघात’ का बड़ा प्रहार, पुलिस-आबकारी की संयुक्त कार्रवाई में करोड़ों के नेटवर्क का खुलासा

स्प्रिट, चायपत्ती और डुप्लीकेट होलोग्राम से तैयार हो रही थी नकली शराब, एक गिरफ्तार — दो आरोपी फरार

रायगढ़।रायगढ़ जिले में लंबे समय से संचालित नकली शराब के संगठित नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम धनागर में रेड कार्रवाई कर भारी मात्रा में नकली शराब, स्प्रिट, डुप्लीकेट पैकेजिंग सामग्री और अन्य उपकरण जब्त किए हैं।

पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम धनागर निवासी दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू द्वारा बड़े पैमाने पर नकली एवं मिलावटी शराब तैयार कर बाजार में बेची जा रही है। सूचना मिलते ही एसएसपी शशि मोहन सिंह ने तत्काल संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना कोतरारोड़, थाना साइबर और आबकारी विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से पहले सूचना का सत्यापन कराया। पुलिस के प्वाइंटर द्वारा आरोपी से खरीदी गई शराब के लेबल और होलोग्राम संदिग्ध पाए गए। आबकारी अधिकारियों ने शराब की गंध और स्वाद की जांच की, जिसमें गंभीर अनियमितता सामने आई।

इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही एक व्यक्ति मौके से फरार हो गया, जबकि पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू बताया। तलाशी के दौरान घर परिसर स्थित कोठे से नकली शराब का भारी जखीरा बरामद हुआ। मौके से रॉयल स्टेज, आईबी, ब्लैक डॉग, रिजर्व क्वार्टर, गोवा, गोल्डन गोवा और किंगफिशर जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों की पैकेजिंग में शराब मिली।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने भाई सुभाष पटेल और सहयोगी विनय सिंह के साथ मिलकर अलग-अलग राज्यों से शराब खरीदते थे। बाद में उसमें स्प्रिट एवं अन्य पदार्थ मिलाकर मात्रा बढ़ाई जाती थी। शराब को असली जैसा रंग और स्वाद देने के लिए रेड लेबल चायपत्ती तक का उपयोग किया जा रहा था। पुरानी खाली बोतलों को साफ कर उन पर नकली होलोग्राम और डुप्लीकेट लेबल लगाकर बाजार में असली ब्रांड के नाम पर बेचा जाता था।

संयुक्त टीम ने कार्रवाई में 869 नग विभिन्न पैमानों की लगभग 240 लीटर नकली शराब जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹2 लाख 16 हजार 245 रुपये बताई गई है। इसके अलावा 560 शराब ढक्कन, स्प्रिट के ड्रम, खाली बोतलें, केटली और अन्य पैकिंग सामग्री भी बरामद की गई है। आरोपी ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया कि कोरोना काल से यह अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था।

मामले में थाना कोतरारोड़ में आरोपी दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू, सुभाष पटेल और विनय सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2), 336(3), 336(4), 340(2), 275 तथा आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36-च, 34(1)(क)(ख) एवं 59-क के तहत अपराध दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

🚔 इन अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, सहायक आयुक्त आबकारी क्रिस्टोफर खलखो एवं डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

कार्रवाई में प्रमुख रूप से —

– निरीक्षक विजय चेलक (थाना प्रभारी साइबर)
– निरीक्षक शील कुमार आदित्य (थाना प्रभारी कोतरारोड़)
– आबकारी उप निरीक्षक रागनी नायक
– एएसआई मनमोहन बैरागी
– थाना साइबर टीम
– थाना कोतरारोड़ पुलिस टीम
– आबकारी विभाग की संयुक्त टीम

की सराहनीय भूमिका रही।

🔥 एसएसपी का सख्त संदेश — “नकली शराब बेचने वालों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा”

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा कि रायगढ़ पुलिस अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। आम जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले ऐसे संगठित गिरोहों के खिलाफ लगातार प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।

🚨 ‘ऑपरेशन आघात’ से शराब माफियाओं में हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध शराब कारोबारियों में दहशत का माहौल है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की तैयारी में जुट गई है।