July 15, 2026

बरौद के विस्थापित परिवारों ने वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप निर्मित मकानों के सर्वे एवं मुआवजा की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

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घरघोड़ा – ग्राम बरौद के समस्त विस्थापित परिवारों ने वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप निर्मित निजी मकानों, प्रधानमंत्री आवास, कुआँ एवं बोरवेल का सर्वे एवं मूल्यांकन कराकर एसईसीएल प्रबंधन से उचित मुआवजा लाभ दिलाने की मांग को लेकर चरणबद्ध अभियान प्रारंभ किया है। इस क्रम में प्रथम चरण में कलेक्टर जनदर्शन रायगढ़, द्वितीय चरण में उपक्षेत्रीय प्रबंधक, बरौद उपक्षेत्र तथा तृतीय चरण में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), घरघोड़ा को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में बताया गया है कि भूमि अधिग्रहण एवं विस्थापन की प्रक्रिया वर्षों तक लंबित रहने के कारण प्रभावित परिवारों का स्वाभाविक विस्तार हुआ, जिससे आवासीय आवश्यकता के अनुरूप अनेक निजी मकानों का निर्माण करना पड़ा। इसके अतिरिक्त कई परिवारों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाए तथा अपने निजी संसाधनों से कुएँ एवं बोरवेल भी निर्मित किए। किंतु इन परिसंपत्तियों का आज तक न तो सर्वे किया गया और न ही मूल्यांकन किया गया, जिससे अनेक पात्र परिवार पुनर्वास एवं मुआवजा लाभ से वंचित हैं।
विस्थापित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रशासन एवं एसईसीएल की संयुक्त टीम गठित कर सभी वास्तविक एवं आवश्यकता आधारित निर्माणों का शीघ्र सर्वे एवं मूल्यांकन कराया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को उनका वैधानिक एवं न्यायोचित लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त विस्थापित परिवार बरौद खुली खदान के मुख्य प्रवेश द्वार पर शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन एवं एसईसीएल प्रबंधन की होगी।