July 15, 2026

ऑपरेशन क्लीन हंट : रायगढ़ पुलिस ने 21 चोरी की बाइक के साथ अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का किया भंडाफोड़

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₹9 लाख की 21 मोटरसाइकिलें बरामद, 5 शातिर चोर गिरफ्तार, 2 फरार आरोपियों की तलाश जारी

रायगढ़, कोरबा, सक्ती और ओडिशा तक फैला था चोरी का नेटवर्क, संगठित अपराध की धाराओं में कार्रवाई

रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना चक्रधरनगर पुलिस ने संगठित रूप से मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह के 5 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 9 लाख रुपये कीमत की 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। गिरोह का नेटवर्क रायगढ़ जिले तक सीमित नहीं था, बल्कि कोरबा, सक्ती और पड़ोसी राज्य ओडिशा तक फैला हुआ था। पुलिस ने मामले में दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में वाहन चोरी के मामलों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान चक्रधरनगर पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है।

कमला नेहरू पार्क से बाइक चोरी की घटना बनी पूरे गिरोह तक पहुंचने की कड़ी

पूरे मामले की शुरुआत 11 जुलाई 2026 को हुई, जब सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पेंड्रावन निवासी घनाउ खरे ने थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वे अपने कार्य से रायगढ़ आए थे। उन्होंने शाम करीब 6 बजे अपनी हीरो स्प्लेंडर (CG-11-AM-7998) कमला नेहरू पार्क के सामने खड़ी की थी, लेकिन आधे घंटे बाद लौटने पर बाइक गायब मिली। शिकायत पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 339/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत विवेचना शुरू की गई।

मुखबिर की सूचना पर मेडिकल कॉलेज रोड से पकड़ाए आरोपी

विवेचना के दौरान पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। सूचना मिली कि दो युवक चोरी की मोटरसाइकिल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मेडिकल कॉलेज रोड पहुंची और घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम अनिल मिश्रा और अमृत बहादुर बताए।

सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने स्वीकार किया कि वे अपने साथियों बोलो निषाद, चंद्रकुमार तिवारी और चंदन राय के साथ मिलकर चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री करते हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने नेहरू गार्डन के पास दबिश देकर तीनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में खुला अंतरजिला वाहन चोरी गिरोह का राज

थाना परिसर में गवाहों की मौजूदगी में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने स्वीकार किया कि वे रायगढ़, कोरबा, सक्ती जिले के डभरा एवं मालखरौदा क्षेत्र तथा ओडिशा के बरगढ़ सहित सीमावर्ती इलाकों में संगठित तरीके से मोटरसाइकिल चोरी करते थे। चोरी के बाद सभी वाहन अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे जाते थे और बाद में उन्हें दूसरे जिलों में बेच दिया जाता था।

21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद

आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इनमें—

अनिल मिश्रा के कब्जे से 10 बाइक,

अमृत बहादुर से 2 बाइक,

बोलो निषाद से 5 बाइक,

चंद्रकुमार तिवारी से 4 बाइक

बरामद हुईं। बरामद वाहनों की अनुमानित कीमत करीब ₹9 लाख बताई गई है।

भीड़भाड़ वाले इलाकों को बनाते थे निशाना

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले शहर के भीड़भाड़ वाले स्थानों की रेकी करते थे। विशेष रूप से कमला नेहरू पार्क, बाजार क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बिना निगरानी खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाया जाता था। गिरोह मुख्य रूप से हीरो स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स जैसी अधिक मांग वाली मोटरसाइकिलें चोरी करता था। लॉक तोड़ने के बाद वाहनों को दूसरे जिले या राज्य में ले जाकर बेच दिया जाता था ताकि पुलिस आसानी से उनका पता न लगा सके।

कोतवाली और छाल क्षेत्र की चोरी भी कबूली

पूछताछ में आरोपियों ने रायगढ़ शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र से दो तथा छाल थाना क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल चोरी करने की बात भी स्वीकार की है। पुलिस अब इन मामलों में भी आरोपियों से पूछताछ कर अन्य घटनाओं की कड़ियां जोड़ रही है।

संगठित अपराध की धाराएं भी जोड़ी गईं

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी लंबे समय से संगठित गिरोह बनाकर वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। इसी आधार पर पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) एवं धारा 3(5) के तहत संगठित अपराध से संबंधित धाराएं भी जोड़ दी हैं।

दो आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी अनिल मिश्रा और चंदन राय पहले भी वाहन चोरी के मामलों में शामिल रहे हैं। चंदन राय वर्ष 2015 से लगातार वाहन चोरी की घटनाओं में संलिप्त रहा है, जबकि अनिल मिश्रा के विरुद्ध भी पूर्व में कई बाइक चोरी के अपराध दर्ज हैं।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं, जो अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का मानना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वाहन चोरी के कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।

इन पुलिस अधिकारियों की रही अहम भूमिका

इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक सिद्धांत येरेवार, सहायक उप निरीक्षक आशिक रात्रे, प्रधान आरक्षक दिलीप भानु, बालचंद राव, आरक्षक अभिषेक द्विवेदी, चंद्र कुमार बंजारे, जितेंद्र कुर्रे, विक्रम सिंह, मिनकेतन पटेल एवं संदीप कौशिक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा—

> “रायगढ़ पुलिस संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध लगातार अभियान चला रही है। वाहन चोरी जैसे संगठित अपराधों में शामिल गिरोहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। चोरी की संपत्ति बरामद कर अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”