रात के अंधेरे में ट्रकों से डीजल उड़ाने वाले गैंग का भंडाफोड़ : खरीदार समेत 3 गिरफ्तार, बोलेरो, डीजल और चोरी के औजार जब्त
तमनार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ट्रेलरों को निशाना बनाकर वारदात को देता था अंजाम गिरोह, 3 फरार आरोपियों की तलाश जारी
रायगढ़। जिले में लगातार ट्रकों और ट्रेलरों से हो रही डीजल चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए तमनार पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चोरी का डीजल खरीदने वाले व्यक्ति सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी में प्रयुक्त बोलेरो वाहन, 50 लीटर डीजल, लोहे का सब्बल, प्लास्टिक पाइप, पेचकस एवं नकदी जब्त की है। गिरोह के तीन अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में थाना तमनार पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से रात के अंधेरे में सुनसान स्थानों पर खड़े ट्रकों और ट्रेलरों को निशाना बनाकर डीजल चोरी कर रहा था। चोरी का डीजल बेहद कम कीमत पर स्थानीय लोगों को बेचकर आरोपी मोटा मुनाफा कमा रहे थे।
100 लीटर डीजल चोरी होने की शिकायत से खुला मामला
मामले की शुरुआत 4 अगस्त 2026 को हुई, जब तमनार निवासी गोपेश जायसवाल ने थाना तमनार में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका ट्रेलर क्रमांक CG 13 AV 7911 जेपीएल प्लांट के गेट नंबर-2, सलिहाभांठा के पास खड़ा था। रात में वाहन के टैंक में लगभग 100 लीटर डीजल मौजूद था, लेकिन सुबह जब चालक वाहन के पास पहुंचा तो डीजल टैंक का ढक्कन टूटा मिला और पूरा डीजल चोरी हो चुका था।
शिकायत मिलते ही थाना तमनार में अपराध क्रमांक 197/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2), 317(2) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया और जांच शुरू कर दी गई।
मुखबिर की सूचना बनी सफलता की कुंजी
थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम भालूमुड़ा निवासी किशोर कुमार चौहान के पास चोरी का डीजल रखा हुआ है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर किशोर कुमार चौहान को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में वह पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया।
पूछताछ में सामने आया पूरा नेटवर्क
किशोर कुमार चौहान ने बताया कि उसने अपने साथियों फकीर यादव, खुलु उर्फ दुखभंजन देवता, कमलेश कुमार उरांव और कमल सिदार के साथ मिलकर कई ट्रकों और ट्रेलरों से डीजल चोरी की है। चोरी के बाद डीजल को प्लास्टिक ड्रमों में भरकर स्थानीय लोगों को सस्ते दामों में बेच दिया जाता था।
आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि इस बार चोरी किया गया डीजल ग्राम मुड़ागांव निवासी दुर्गाचरण पटेल को मात्र 4 हजार रुपये में बेच दिया गया था। बिक्री से मिली रकम सभी आरोपियों ने आपस में बांट ली थी।
बोलेरो से निकलता था गैंग, साथ रहता था पूरा सामान
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह वारदात के लिए बोलेरो वाहन क्रमांक CG 13 BM 1854 का उपयोग करता था। वाहन में हमेशा प्लास्टिक पाइप, ड्रम, लोहे का सब्बल, पेचकस और अन्य औजार रखे जाते थे।
देर रात यह गिरोह ऐसे स्थानों की तलाश करता था, जहां ट्रक और ट्रेलर सड़क किनारे या औद्योगिक क्षेत्रों में खड़े रहते थे। मौके पर पहुंचकर आरोपी पहले डीजल टैंक का ढक्कन तोड़ते थे और पाइप की मदद से कुछ ही मिनटों में पूरा डीजल निकाल लेते थे।
पुलिस के अनुसार यदि चालक जाग जाता या विरोध करता, तो आरोपी उसे धमकाकर वहां से भगा देते थे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।
बड़ी बरामदगी, खरीदार भी पहुंचा सलाखों के पीछे
किशोर कुमार चौहान की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी में प्रयुक्त बोलेरो, 50 लीटर डीजल, प्लास्टिक पाइप, लोहे का सब्बल एवं पेचकस जब्त किया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी कमलेश कुमार उरांव को गिरफ्तार किया। उसने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार करते हुए चोरी के डीजल की बिक्री से बची 500 रुपये की राशि पुलिस को सौंप दी, जिसे जब्त कर लिया गया।
पुलिस ने चोरी का डीजल खरीदने वाले दुर्गाचरण पटेल को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह जानता था कि डीजल चोरी का है, फिर भी कम कीमत के लालच में उसने उसे खरीद लिया। इसके बाद पुलिस ने उसके विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की।
तीन आरोपी जेल भेजे गए, तीन अब भी फरार
गिरफ्तार आरोपियों किशोर कुमार चौहान (37 वर्ष), कमलेश कुमार उरांव (23 वर्ष) तथा दुर्गाचरण पटेल (42 वर्ष) को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
वहीं इस गिरोह के अन्य आरोपी फकीर यादव, खुलु उर्फ दुखभंजन देवता एवं कमल सिदार अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही हैं।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव, एएसआई गौतम सिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक विपिन पटेल तथा आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार, रंजीत भगत और पुरुषोत्तम सिदार की सराहनीय भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ जिले में ट्रकों, ट्रेलरों एवं भारी वाहनों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल चोरी करने वाले ही नहीं, बल्कि चोरी का माल खरीदने वाले लोगों पर भी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वाहन मालिकों और चालकों से भी अपील की कि वे सुनसान स्थानों पर वाहन खड़े करने से बचें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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