कंचनपुर मेला आज… क्या फिर जमने वाला है खुडखुड़िया जुआ का जाल?
ग्रामीणों की आग बरसाती शिकायतें— “मेले को मेला रहने दो, जुआ का अड्डा मत बनाओ!”
घरघोड़ा। कंचनपुर गाँव का सालाना मेला आज शुरू होते ही चर्चाओं में आग लग गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मेले की आड़ में हर साल कुछ लोग ‘खुडखुड़िया जुआ’ का पूरा ठिकाना खड़ा कर देते हैं, और इस बार भी वही माहौल बनने की आशंका दिख रही है।
गाँव के कई लोग सुबह से ही परेशान—
“बच्चे-परिवार मेला घूमने आते हैं, और इधर जुआरी अपना ‘खेल’ जमाने में लग जाते हैं… ये कहाँ तक सही है?”
स्थानीयों का आरोप:..
मेले में बाहरी जुआरी गुट आते ही भीड़ जुटा लेते हैं, और देखते ही देखते मेले की रौनक जुए की खटखटाहट में बदल जाती है। इससे झगड़ा-फसाद तक की नौबत भी आ चुकी है।
प्रशासन पर उंगली उठी
गाँव में सवाल उठ रहा है— “क्या पुलिस इस बार पहले से चौकन्नी है, या फिर पिछली बार की तरह जुआड़ी बेखौफ खेल जमाएंगे?”
लेकिन ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर आज शाम तक जुआ लगा तो यह मेले की मर्यादा पर सीधी चोट होगी।
कंचनपुर का मेला पूरे जोश में है, लेकिन सबकी नजर एक ही बात पर टिकी है— क्या आज फिर बजेगी ‘खुडखुड़िया जुआ’ की खड़खड़ाहट, या इस बार होगी सख्त रोक?
