January 26, 2026

पीएम आवास में सुस्ती पर जिला पंचायत सीईओ सख्त

IMG-20251213-WA0007.jpg

अल्प प्रगति वाले पंचायतों के सचिव–रोजगार सहायकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में क्लास

एक सप्ताह की डेडलाइन: नहीं बढ़ी रफ्तार तो तय होगी जवाबदेही

रायगढ़।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत रायगढ़ जिले में धीमी प्रगति को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के स्पष्ट निर्देशों पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत पाठरे ने जिला पंचायत कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सातों जनपद पंचायतों की विस्तृत और गहन समीक्षा की।

इस दौरान अल्प प्रगति वाले ग्राम पंचायतों के सचिव, रोजगार सहायक एवं जनपद स्तर के अधिकारी सीधे समीक्षा के दायरे में रहे। बैठक में आवास स्वीकृति, निर्माण की वर्तमान स्थिति, जियो टैगिंग, किस्त भुगतान और हितग्राहियों को समय पर लाभ जैसे अहम बिंदुओं पर एक-एक कर कड़ाई से समीक्षा की गई।

इन पंचायतों पर प्रशासन की पैनी नजर

समीक्षा में जिन जनपद व ग्राम पंचायतों में पीएम आवास की प्रगति बेहद कमजोर पाई गई, उनमें—

जनपद पुसौर: नेटनागर, गुड़ु, कठानी

जनपद खरसिया: पतरापाली, नगोई, नंदगांव

जनपद रायगढ़: पतरापाली पूर्व, बनोरा, जुड़ा

जनपद लैलूंगा: केसला, गंजपुर, पाकरगांव

जनपद घरघोड़ा: नवागढ़, बकचबा, चिमटापानी

जनपद तमनार: खुरसलेंगा, डारआमा, चितवानी

जनपद धरमजयगढ़: सिसरिंगा, सिथरा, कटाईपाली डी
को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया गया।

एक सप्ताह में सुधार नहीं तो कार्रवाई तय

जिला पंचायत सीईओ अभिजीत पाठरे ने दो टूक शब्दों में कहा कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सचिवों और रोजगार सहायकों को निर्माण कार्य में तेजी, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और फील्ड स्तर पर सतत निगरानी के सख्त निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भीतर प्रगति में उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी

पीएम आवास सर्वोच्च प्राथमिकता

सीईओ ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल योजना है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित, पक्का और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। सभी अधिकारी-कर्मचारी समन्वय, जिम्मेदारी और टीम भावना के साथ कार्य करें, ताकि रायगढ़ जिले में कोई भी पात्र हितग्राही आवास से वंचित न रहे!