September 23, 2026

11 जुलाई तक सड़क नहीं बनी तो 12 जुलाई को होगा चक्का जाम!

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लैलूंगा–पत्थलगांव मुख्य मार्ग की बदहाली पर जनता का फूटा गुस्सा, प्रशासन को अंतिम चेतावनी

वर्षों से गड्ढों में तब्दील सड़क पर रोज खतरे का सफर, अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान-रवि भगत

रायगढ़/। रायगढ़ जिले के लैलूंगा–पत्थलगांव मुख्य मार्ग के राजपुर क्षेत्र की वर्षों पुरानी जर्जर सड़क अब स्थानीय लोगों के सब्र की परीक्षा बन चुकी है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील इस सड़क पर हर दिन हजारों लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। लगातार हो रही अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।

ग्राम झरन, लैलूंगा निवासी रवि भगत ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), लेलूंगा को ज्ञापन सौंपकर साफ शब्दों में कहा है कि यदि 11 जुलाई 2026 तक सड़क निर्माण अथवा मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो 12 जुलाई 2026 (रविवार) को राजपुर बाजार के पास चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

ज्ञापन में बताया गया है कि राजपुर क्षेत्र की सड़क पिछले कई वर्षों से अत्यंत जर्जर और बदहाल स्थिति में है। सड़क पर बने विशाल गड्ढों के कारण दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है। प्रतिदिन स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भयावह हो जाती है, जब गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा तक नहीं लग पाता और दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सड़क की मरम्मत और निर्माण को लेकर पूर्व में कई बार आवेदन एवं निवेदन किए जा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन सड़क की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग केवल स्थानीय आवागमन का साधन नहीं, बल्कि लैलूंगा और पत्थलगांव को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री, स्कूली वाहन, एंबुलेंस और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क की अनदेखी गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है।

ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि कम से कम सड़क को तत्काल चलने योग्य बनाया जाए तथा निर्माण एवं मरम्मत का कार्य बिना किसी और देरी के प्रारंभ किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह निर्धारित समय सीमा के भीतर सड़क निर्माण शुरू कर जनता को राहत देता है या फिर 12 जुलाई को राजपुर बाजार में होने वाले चक्का जाम आंदोलन का सामना करता है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन पूरे क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

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