October 19, 2026

डीएमएफ से 9 गांवों में खेल परिसरों को मिलेगी नई पहचान, 46.32 लाख से बनेगा अहाता

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धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार की 9 ग्राम पंचायतों में निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी | वीबी-जी राम जी के अभिसरण से गांव में ही मिलेगा ग्रामीणों को रोजगार

रायगढ़, 8 अक्टूबर 2026। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के माध्यम से धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार विकासखंड की 9 ग्राम पंचायतों में खेल परिसरों के अहाता निर्माण के लिए 46 लाख 31 हजार 848 रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री तथा रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से स्वीकृत इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना को बेहतर बनाने के साथ गांव के बच्चों और युवाओं को खेलकूद के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण मिलेगा।

⚡ डीएमएफ और ग्रामीण रोजगार योजना का होगा अभिसरण

इन सभी निर्माण कार्यों को वीबी-जी राम जी के अभिसरण से कराया जाएगा। इससे डीएमएफ और ग्रामीण रोजगार योजना के संसाधनों का समन्वित उपयोग होगा। निर्माण कार्यों में स्थानीय श्रमिकों की भागीदारी से ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

📍 तीन विकासखंडों की 9 पंचायतों में होंगे निर्माण

धरमजयगढ़ विकासखंड की 6 ग्राम पंचायतों के लिए कुल 28.24 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें—

खम्हार — ₹6,06,858

भोजपुर — ₹2,51,587

पुटुकछार के ग्राम थिर्रीआमा — ₹3,38,461

कमरई — ₹5,05,053

धौराभांठा — ₹5,21,989

गनपतपुर — ₹5,99,948

वहीं घरघोड़ा विकासखंड की 2 ग्राम पंचायतों में—

घरघोड़ी — ₹6,12,322

कया — ₹6,28,069

तथा तमनार विकासखंड की ग्राम पंचायत सराईपाली में अहाता निर्माण के लिए ₹5,67,561 की स्वीकृति दी गई है।

🏏 खेल मैदानों को मिलेगा सुरक्षित और व्यवस्थित स्वरूप

अहाता निर्माण के बाद ग्रामीण खेल परिसरों को बेहतर सुरक्षा और व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा। इससे गांव के बच्चों एवं युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर माहौल मिलने की उम्मीद है। खेल अधोसंरचना मजबूत होने से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर भी उपलब्ध होंगे।

💰 खनन प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफ से विकास को गति

जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना और खेल सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। खेल परिसरों के अहाता निर्माण की यह स्वीकृति भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

डीएमएफ की राशि से विकास के साथ रोजगार का दोहरा लाभ—ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाएं मजबूत होंगी और निर्माण कार्यों के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

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