January 26, 2026

11 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्यालयों में ताले

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घरघोड़ा में कर्मचारियों की 3 दिवसीय हड़ताल से प्रशासन ठप

घरघोड़ा।कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर घरघोड़ा तहसील के समस्त शासकीय कर्मचारी एवं अधिकारी 29, 30 एवं 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय निश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के पहले ही दिन तहसील क्षेत्र के लगभग सभी शासकीय कार्यालयों में तालाबंदी देखने को मिली, जिससे प्रशासनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा।
कर्मचारियों की हड़ताल का घरघोड़ा में व्यापक और जबरदस्त असर देखा जा रहा है। शासन को अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी संगठनों द्वारा लगातार ज्ञापन सौंपे जा रहे थे, किंतु अब तक कोई ठोस निराकरण नहीं होने से कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ रायगढ़ जिला शाखा अध्यक्ष एवं घरघोड़ा फेडरेशन के संयोजक शसंतोष पाण्डेय ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं—

1.केंद्र के समान महंगाई भत्ता कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से दिया जाए।
2.डीए एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए।
3.सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान प्रदान किया जाए।
4.लिपिक, शिक्षक, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करते हुए पिंगुआ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
5.प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर संपूर्ण लाभ दिया जाए तथा पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।
6.सहायक शिक्षकों एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए तथा नगर निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन व समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित की जाए।
7.अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10% की सीलिंग समाप्त की जाए।
8.प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए।
9.अर्जित अवकाश के नगदीकरण की सीमा 300 दिन की जाए।
10.दैनिक, अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।
11.सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।
हड़ताल के दौरान सभी विभागों के कर्मचारी-अधिकारी कर्मचारी भवन में एकत्रित हुए, तत्पश्चात माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम तहसील कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपने गए। हालांकि, तहसील कार्यालय में ज्ञापन लेने कोई अधिकारी उपस्थित नहीं मिला, जिससे कर्मचारियों में रोष देखा गया। कर्मचारियों का कहना है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि आंदोलन कितना प्रभावी और सफल है।
इस अवसर पर दभिनव सिंह, संतोष पाण्डेय, रोहित डनसेना, अश्वनी दर्शन, मंगलेश्वर महंत, आशीष शर्मा, बाबूलाल धृतलहरे, मनोज प्रधान, संजय पंडा, हरिश्चंद्र बेहरा, वरुण गुप्ता, विजय पडा, अखिलेश मिश्रा, प्रियंक दुबे, मोहन चौहान, संजीव पटेल, प्रमोद गुप्ता, संजय पैंकरा, रोशन पंडा, गुलाब चौहान, लालसाय लकड़ा, अशोक महापात्री, पीला राम लहरे, मिलकंठ गुप्ता, कमलेश पंडा, आकाश कुर्रे, शंभू पटनायक, मनोज पंडा, ईश्वर विशी, विष्णु पैंकरा, लखन साहू, चंदूलाल चौहान सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे।