March 2, 2026

बलरामपुर में सनसनी: एसडीएम करुण डहरिया समेत 4 गिरफ्तार, आदिवासी किसान की मौत के मामले में जेल

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बलरामपुर/कुसमी।छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में 62 वर्षीय आदिवासी किसान की मौत के मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। कुसमी के एसडीएम करुण डहरिया सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर राजपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

क्या है पूरा घटनाक्रम?

घटना 15 फरवरी की रात की बताई जा रही है। मामला कोरंधा थाना क्षेत्र के ग्राम हंसपुर का है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने जंगल क्षेत्र में अवैध खनिज (बॉक्साइट) से लदे एक ट्रक को रोका था। सूचना मिलने पर एसडीएम करुण डहरिया मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उनके साथ कुछ स्थानीय युवक भी थे।

ग्रामीणों का आरोप है कि विवाद के दौरान मारपीट हुई, जिसमें हंसपुर निवासी राम उर्फ रामनरेश (62 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं—

धारा 103(1) – हत्या

धारा 115(2) – जानबूझकर चोट पहुंचाना

धारा 3(5) – सामूहिक अपराध

चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

सुरक्षा के बीच पेशी

मंगलवार देर शाम आरोपियों को राजपुर कोर्ट लाया गया। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

अन्य आरोपों की भी चर्चा

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि घटना के समय अन्य राजस्व अधिकारी की मौजूदगी थी, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जिनकी भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व विवादों का जिक्र

करुण डहरिया पूर्व में भी सुर्खियों में रहे हैं। गरियाबंद जिले में पदस्थापना के दौरान उन्हें एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा कथित रिश्वत प्रकरण में गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में जांच एजेंसी ने ट्रैप कार्रवाई कर उन्हें रंगे हाथों पकड़े जाने का दावा किया था।

हालांकि, वर्तमान मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस अब—

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है

घटना स्थल से जुड़े तकनीकी व भौतिक साक्ष्य एकत्र कर रही है

प्रत्यक्षदर्शियों के विस्तृत बयान दर्ज कर रही है

अवैध खनन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है

निष्कर्ष:
बलरामपुर की यह घटना प्रशासनिक जवाबदेही और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।