“16 साल से इंतजार… अब ब्याज सहित पूरा हक चाहिए” ग्राम कुर्मीभौना, पोरडी और पोरडा के — SECL भू-अर्जन प्रभावितों का बड़ा आंदोलनात्मक आवेदन
⚠️ मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार को लेकर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, 12% ब्याज सहित भुगतान की मांग
घरघोड़ा/ SECLकी खदान परियोजनाओं से प्रभावित ग्रामीणों ने भू-अर्जन मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की मांग को लेकर एक विस्तृत आवेदन सौंपते हुए वर्षों से लंबित मामलों पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। आवेदन में कहा गया है कि वर्ष 2004-05 और 2009-10 में जिन किसानों और परिवारों की जमीन, मकान एवं परिसंपत्तियों का अधिग्रहण किया गया, उन्हें आज तक न्यायपूर्ण मुआवजा नहीं मिला।

ग्रामीणों ने साफ कहा है कि “जब जमीन और घर तत्काल ले लिए गए, तो मुआवजा देने में 16 साल की देरी क्यों?”
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*🔥 12 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज सहित भुगतान की मांग*
आवेदन में मांग की गई है कि जिन किसानों की भूमि का अधिग्रहण वर्ष 2009-10 में किया गया था और जिनका भुगतान 2026 तक लंबित रहा, उन्हें अधिग्रहण राशि पर 12 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर भुगतान किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों को उस समय केवल 6 से 8 लाख रुपये दिए गए, जबकि वर्तमान समय में जमीन और मकानों की कीमत कई गुना बढ़ चुकी है। ऐसे में पुराने दर पर भुगतान अन्यायपूर्ण है।
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*🏠 मकान और परिसंपत्तियों का वर्तमान बाजार दर पर मूल्यांकन करने की मांग*
प्रभावित परिवारों ने कहा कि जिनके मकान, पेड़-पौधे और अन्य परिसंपत्तियां अधिग्रहण में प्रभावित हुईं, उनका मूल्यांकन वर्ष 2025-26 की वर्तमान बाजार दर के अनुसार किया जाए। साथ ही उस पर भी 12 प्रतिशत ब्याज जोड़ा जाए।
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👷 *“हर प्रभावित परिवार को रोजगार दो”*
आवेदन में SECL प्रबंधन से मांग की गई है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार से कम से कम दो सदस्यों को रोजगार दिया जाए।
ग्रामीणों ने उल्लेख किया कि 25 दिसंबर 2010 के पूर्व कई परिवारों को नौकरी दी गई थी, लेकिन बाद में यह प्रक्रिया धीमी पड़ गई। अब जिन परिवारों की जमीन ली गई है, उनके बच्चों को भी प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए।
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🚨 2004-05 के भू-अर्जन मामलों की जांच की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2004-05 में हुए कई भू-अर्जन मामलों में ब्याज और मुआवजा राशि का सही भुगतान नहीं किया गया। इसलिए सभी पुराने प्रकरणों की पुनः जांच कर पुनर्गणना की जाए।
*🏚️ विस्थापन झेल रहे परिवारों को सहायता देने की मांग*
आवेदन में कहा गया कि कई परिवार वर्षों से विस्थापन की स्थिति में जीवन गुजार रहे हैं। ऐसे परिवारों को नियमानुसार विस्थापन लाभ, पुनर्वास सहायता और आर्थिक सहयोग दिया जाए ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
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*📌ग्रामीणों की प्रमुख मांगें*
✅ 12% चक्रवृद्धि ब्याज सहित मुआवजा
✅ वर्तमान बाजार दर पर नई गणना
✅ प्रत्येक प्रभावित परिवार को रोजगार
✅ मकान एवं परिसंपत्तियों की पूरी क्षतिपूर्ति
✅ विस्थापन लाभ और पुनर्वास सहायता
✅ पुराने मामलों की पुनः जांच
✅ पहले भुगतान, फिर जमीन अधिग्रहण
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*⚡“अब और इंतजार नहीं”*
आवेदन के अंत में प्रभावित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने SECL प्रबंधन से संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण तरीके से समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
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