“अब सिर्फ कानून के रखवाले नहीं, जिंदगी बचाने वाले भी: रायगढ़ के 100 पुलिसकर्मियों ने सीखा सीपीआर का जीवनरक्षक मंत्र”
रायगढ़। अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाली पुलिस अब आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने की कला भी सीख रही है। इसी कड़ी में स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के तत्वावधान में ऑल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, रायगढ़ द्वारा मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिसकर्मियों के लिए एक दिवसीय सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे करीब 100 पुलिसकर्मियों ने भाग लेकर आपदा और आपात स्थितियों में जीवन बचाने के महत्वपूर्ण तरीके सीखे।

कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना था, जहां दुर्घटना, हृदयाघात, आगजनी, बाढ़ या अन्य आपदा के दौरान घायल अथवा अचेत व्यक्ति को तत्काल सहायता देकर उसकी जान बचाई जा सके। पुलिस अक्सर घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचती है, ऐसे में प्रारंभिक जीवनरक्षक तकनीक की जानकारी कई बार मौत और जिंदगी के बीच बड़ा अंतर साबित हो सकती है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉक्टरों की टीम ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन और वीडियो डेमो के माध्यम से सीपीआर की आवश्यकता, महत्व और सही तकनीक की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि किसी व्यक्ति की सांस या रक्त संचार अचानक रुक जाने पर शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि समय पर सही तरीके से सीपीआर दिया जाए तो व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. गजेंद्र ने विस्तार से बताया कि दुर्घटना या किसी अन्य कारण से यदि कोई व्यक्ति अचेत अवस्था में हो, प्रतिक्रिया नहीं दे रहा हो और उसका ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो गया हो, तो सीपीआर के माध्यम से रक्त प्रवाह को पुनः सक्रिय करने का प्रयास किया जा सकता है।
उन्होंने पुलिसकर्मियों को प्राथमिक प्रक्रिया भी समझाई—
✔ सबसे पहले पीड़ित को सुरक्षित स्थान पर लाएं
✔ उसकी प्रतिक्रिया और सांस की स्थिति जांचें
✔ तत्काल 108 और 112 पर कॉल कर चिकित्सा सहायता बुलाएं
✔ मेडिकल टीम पहुंचने तक सही तकनीक से सीपीआर जारी रखें
प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक न रखते हुए डॉक्टरों की टीम ने दुर्घटना से जुड़े वीडियो और मॉडल के जरिए लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने स्वयं एक-एक कर सीपीआर देने का प्रायोगिक अभ्यास किया, जिससे उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने का अनुभव मिल सके।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण आयोजन के लिए डॉ. प्रभात पटेल एवं उनकी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण पुलिस बल को और अधिक सक्षम बनाते हैं तथा आम नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए नई जिम्मेदारियों को निभाने में मदद करते हैं।
इस अवसर पर आरआई अमित सिंह सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 100 पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
🚨 संदेश साफ है — पुलिस अब सिर्फ सुरक्षा नहीं करेगी, जरूरत पड़ने पर जीवन बचाने की पहली कड़ी भी बनेगी।
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