May 30, 2026

“ऑपरेशन शंखनाद की गूंज: बूचड़खाने पहुंचने से पहले पुलिस ने छुड़ाए 08 मवेशी, तस्करों पर कसा शिकंजा”

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रायगढ़/। जिले में मवेशी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत धरमजयगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 08 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। डॉयल 112 की त्वरित कार्रवाई से न केवल मवेशियों को बूचड़खाने ले जाने की कोशिश विफल हुई, बल्कि मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया। वहीं एक आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिसकी तलाश तेज कर दी गई है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 मई 2026 की रात डॉयल 112 को सूचना मिली कि ग्राम खड़गांव में एक पिकअप वाहन में संदिग्ध परिस्थितियों में मवेशियों को ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही डॉयल 112 टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान पिकअप वाहन क्रमांक CG 12 AS 8363 में 08 मवेशी क्रूरता पूर्वक ठूंस-ठूंस कर भरे हुए पाए गए।

पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम सत्यपाल राठिया (21 वर्ष) एवं तिहारू राम राठिया (30 वर्ष) निवासी चाकामार नवापारा, जिला कोरबा बताया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वाहन चालक रमेश राठिया मौके से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

थाना धरमजयगढ़ में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 147/2026 दर्ज कर छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं मुक्त कराए गए मवेशियों को देखभाल और चारा-पानी के लिए ग्राम सलखिया गौशाला में रखा गया है।

पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेश जांगड़े, एएसआई मंजू मिश्रा, प्रधान आरक्षक जगित राठिया, आरक्षक प्याराजीवन टोप्पो एवं ERV चालक इलियास खान उर्फ बबलू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी का स्पष्ट संदेश:
“ऑपरेशन शंखनाद के तहत मवेशी तस्करी और पशु क्रूरता के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”