August 27, 2026

21 दिन बाद डबल मर्डर और दुष्कर्म कांड का खुलासा : 65 वर्षीय दरिंदे को पुलिस ने दबोचा, महिला से दुष्कर्म के बाद 10 माह की मासूम की भी बेरहमी से हत्या

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रायगढ़/लैलूंगा। रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में हुए बहुचर्चित डबल मर्डर और दुष्कर्म कांड का रायगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। करीब 21 दिनों तक चली वैज्ञानिक, तकनीकी एवं मनोवैज्ञानिक जांच के बाद पुलिस ने ग्राम कोड़ासिया निवासी 65 वर्षीय भिखारीराम नागवंशी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस जघन्य वारदात के खुलासे को रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह स्वयं इस संवेदनशील मामले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे। उनके निर्देशन में थाना लैलूंगा पुलिस ने गांव में लगातार कैंप लगाकर साक्ष्य जुटाए, ग्रामीणों से पूछताछ की और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

15 जुलाई की रात हुई थी दिल दहला देने वाली वारदात

पुलिस के अनुसार 16 जुलाई 2026 को थाना लैलूंगा में सूचना मिली कि ग्राम छापरपानी में प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान में रहने वाली 35 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ी है, जबकि उसकी 10 माह की मासूम पुत्री मृत अवस्था में मिली।

महिला के पति की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और वह मानसिक रूप से भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं रहती थी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। महिला के सिर और चेहरे पर किसी भारी वस्तु से कई गंभीर चोटों के निशान मिले। उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गई। वहीं मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

सुनसान घटनास्थल और कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं, पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

घटना स्थल पूरी तरह सुनसान था। वहां कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था और प्रारंभिक जांच में महिला की किसी से दुश्मनी या विवाद की जानकारी भी सामने नहीं आई। ऐसे में पुलिस के सामने यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर बन गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, थाना लैलूंगा पुलिस, एफएसएल एवं डॉग स्क्वॉड की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से कई महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य एकत्र किए और अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

मुखबिर की सूचना और हाथ के जख्म ने बढ़ाया शक

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव अपनी टीम के साथ कई दिनों तक गांव में डेरा डालकर जांच करते रहे। पुलिस ने गांव के लोगों से लगातार पूछताछ की और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।

इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम कोड़ासिया निवासी 65 वर्षीय भिखारीराम नागवंशी घटना के संबंध में संदिग्ध है। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया। उसके हाथ में चोट के निशान भी मिले, लेकिन उसने घटना से साफ इंकार कर दिया।

मनोवैज्ञानिक पूछताछ में टूटा आरोपी, कबूल किया पूरा अपराध

पुलिस ने आरोपी से वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से लगातार पूछताछ जारी रखी। आखिरकार आरोपी टूट गया और उसने पूरी वारदात स्वीकार कर ली।

आरोपी ने बताया कि 15 जुलाई की रात वह महिला के बोर मकान पहुंचा और उसके साथ जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया।

महिला द्वारा विरोध किए जाने पर उसने पास में रखी ईंट उठाकर महिला के सिर और चेहरे पर कई बार वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने बेहोशी की हालत में महिला के साथ दुष्कर्म किया।

इसी दौरान 10 माह की मासूम बच्ची रोने लगी। पकड़े जाने के डर से आरोपी ने पहले बच्ची का गला दबाया और फिर उसके सिर पर भी ईंट से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खेतों के रास्ते अपने घर चला गया और घटना के समय पहनी हुई खून से सनी धोती छिपा दी।

खून से सनी धोती बनी सबसे अहम सबूत

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना के समय पहनी गई खून से सनी धोती बरामद कर ली। जांच में मिले अन्य साक्ष्यों और आरोपी के बयान के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या और दुष्कर्म की धाराओं में कार्रवाई की।

दुष्कर्म की धाराएं भी जोड़ी गईं

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध पहले दर्ज हत्या के प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 एवं 66 (दुष्कर्म संबंधी प्रावधान) भी जोड़ते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

एसएसपी शशि मोहन सिंह बोले— अपराधी किसी भी हाल में नहीं बचेंगे

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि,

> “यह मामला अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण था। घटनास्थल पर कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था और आरोपी तक पहुंचना आसान नहीं था। हमारी टीम ने धैर्य, वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के जरिए इस जघन्य अपराध का खुलासा किया। महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”

इन अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

इस बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड के खुलासे में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी, डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रीतम बघेल, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा, आरक्षक चमार साय, विनोद कुजूर सहित पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मुख्य बिंदु

21 दिन बाद पुलिस ने डबल मर्डर और दुष्कर्म कांड का किया खुलासा।

65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में जुर्म कबूला।

महिला के विरोध पर ईंट से हमला कर किया गंभीर रूप से घायल।

बेहोश महिला से दुष्कर्म करने के बाद 10 माह की मासूम की भी हत्या।

वैज्ञानिक जांच, मनोवैज्ञानिक पूछताछ और अहम साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंची पुलिस।

खून से सनी धोती बनी जांच का सबसे अहम सबूत।

आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।